WB Panchayat Election: हिंसा में 10 से अधिक लोगों की मौत, कहीं लूटी पेटियां तो कहीं जला दिए मतपत्र
पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव के दौरान भारी हिंसा की खबरें सामने आ रही हैं। मतदान के दौरान राज्य के अलग-अलग हिस्सों में 10 से अधिक लोगों की मौत की खबरें सामन आ रही है। मरने वालों में टीएमसी, बीजेपी और सीपीएम के कार्यकर्ता शामिल हैं।
राज्य में मतदान के दौरान मत पेटी को लूटने, और जलाने की तस्वीरें भी सामने आ रही हैं। राज्य में शनिवार सुबह सात बजे पंचायत चुनाव शुरू होने के बाद से दोपहर तक 12 सेअधिक लोगों की मौत हो चुकी है।

आज सुबह 7 बजे जैसे ही मतदान शुरू हुआ, नादिया, मुर्शिदाबाद और मालदा जिले में अलग-अलग घटनाओं में तीन तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं की कथित तौर पर हत्या कर दी गई। कूच बिहार में एक बीजेपी पोलिंग एजेंट की हत्या कर दी गई।
पूर्वी बर्दवान जिले में कल शाम गंभीर रूप से घायल हुए एक सीपीआई (एम) कार्यकर्ता ने की आज इलाज के दौरान मौत हो गई। उत्तर 24 परगना के कदंबगाची में हिंसा की चपेट में आने से एक निर्दलीय पार्टी के समर्थकों की भी मौत हो गई है।
मालदा के मानिकचक और गोपालपुर ग्राम पंचायत के जिशारद टोला में भारी बमबारी हुई है। इसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई है। पूरे राज्य में भारी तनाव फैला हुआ है। राज्य में पुलिस और केंद्रीय सुरक्षाबलों की तैनाती के बावजूद जमकर हिंसा हो रही है।
मतदान शुरू होते ही कूचबिहार और डायमंड हार्बर में मतदान केंद्र में तोड़फोड़ कर दी गई है और मतपत्र लूट लिए गए हैं। भारतीय जनता पार्टी ने शनिवार को आरोप लगाया कि टीएमसी सरकार के राज में पश्चिम बंगाल लोकतंत्र में हिंसा का दुखद उदाहरण बन गया है।
बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी का कहना है कि, राज्यपाल ने राजीव सिंजा को नियुक्त करके सबसे बड़ी गलती की...दोपहर के 3 बजे हैं और 15 से अधिक लोग मारे गए हैं। उन्हें टीएमसी के गुंडों ने मार डाला। केंद्र को अनुच्छेद 355 या 356 के तहत हस्तक्षेप करना चाहि। हम संविधान के संरक्षक से कार्रवाई चाहते हैं।
पश्चिम बंगाल कांग्रेस के अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि, जब आम मतदाता मतदान में भाग लेने जा रहे थे, तो पुलिस मतदाताओं को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज कर रही थी...राज्य और विशेष रूप से मुर्शिदाबाद में स्थिति बहुत तनावपूर्ण और प्रतिकूल है... मैं सीएम ममता बनर्जी से पूछना चाहता हूं कि आप किस तरह का लोकतंत्र चाहते हैं? आपके हाथ खून-खराबे से भरे हुए हैं। बंगाल में खून से सनी पंचायत जरूरी नहीं थी।
इस हिंसा को लेकर पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने कहा कि, मैं सुबह से ही मैदान में हूं... लोगों ने मुझसे अनुरोध किया, रास्ते में मेरा काफिला रोका। उन्होंने मुझे अपने आसपास हो रही हत्याओं के बारे में बताया, गुंडों द्वारा अनुमति नहीं देने के बारे में बताया। उन्हें मतदान केंद्रों पर जाना चाहिए...इससे हम सभी को चिंता होनी चाहिए। यह लोकतंत्र के लिए सबसे पवित्र दिन है...चुनाव गोलियों से नहीं बल्कि मतपत्रों से होना चाहिए।












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