'TMC नेता जूतों से पीटे जाएंगे', दिलीप घोष के बयान पर बढ़ा विवाद
नई दिल्ली, 19 अगस्त। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिलीप घोष ने टीएमसी नेता सौगत रॉय को लेकर जिस तरह का बयान दिया है उसकी वजह से वह विवादों में घिर गए हैं। दरअसल घोष ने कहा कि सौगत रॉय को जूतों से पीटा जाएगा। उनके इस बयान के बाद वह विवादों में आ गए हैं। घोष के बयान पर पलटवार करते हुए रॉय ने कहा कि घोष को औपचारिक शिक्षा नहीं मिली और वह टीएमसी के संपर्क में हैं क्योंकि वह भगवा कैंप में अपना भरोसा खो चुके हैं।

सौगत रॉय ने खेद प्रकट किया
बता दें कि रॉय ने इससे पहले कहा था कि जिस तरह से टीएमसी को विपक्ष बदनाम कर रहा है वह गलत है। पार्टी के दो शीर्ष नेता पार्थ चटर्जी और अनुब्रत मंडल के गिरफ्तार किए जाने के बाद पार्टी को बदनाम किया जा रहा है। रॉय ने कहा था कि उन लोगों के लिए उनकी खाल के जूते बनाए जाएंगे जो यह सोचते हैं कि वह पार्टी की छवि को बदनाम कर सकते हैं। हालांकि बाद में उन्होंने अपने बयान पर खेद प्रकट किया था।

सौगत राय ने क्या कहा
घोष ने कहा कि सौगत रॉय वरिष्ठ नेता हैं, एक समय में वह प्रोफेसर थे। लेकिन जिस तरह की भाषा हमने उनकी सुने उसे सुनकर हम दंग रह गए। वह अपनी पार्टी के कैडर से कह रहे हैं कि यह जूते चमड़ी उधेड़कर बनाए जाएंगे। वह दिन दूर नहीं है जब लोग उन्हें जूतों से पीटेंगे। टीएमसी नेता राज्य के अलग-अलग हिस्सों में जूतों से पीटे जाएंगे। वहीं रॉय ने कहा कि वह भाजपा नेता के बयान पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देना चाहते हैं, इस पर टिप्पणी देना मेरी गरिमा के लायक नहीं हैं, वह ऐसे व्यक्ति हैं जिन्हें औपचारिक शिक्षा नहीं मिली है। दिलीप घोष खुद हमारी पार्टी के संपर्क में हैं क्योंकि भाजपा नेतृत्व का वह भरोसा खो चुके हैं।

टीएमसी डरी हुई है
इसके अलावा दिलीप घोष ने दावा किया है कि टीएमसी नेता डरे हुए हैं क्योंकि उनकी पार्टी के दो नेता पार्थ चटर्जी और अनुब्रत मंडल जेल में बंद हैं। गौर करने वाली बात है कि चटर्जी को ईडी ने स्कूल भर्ती घोटाले में गिरफ्तार किया है जबकि मंडल को सीबीआई ने पशु तस्करी के मामले में गिरफ्तार किया है। दोनों ही नेताओं की गिरफ्तारी के बाद टीएमसी विवादों में हैं। ईडी ने स्कूल भर्ती मामले में छापेमारी के दौरान तकरीबन 50 करोड़ रुपए की नकदी बरामद की थी।












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