विधानसभा में बोले टीएमसी विधायक- तलाशी के नाम पर महिलाओं को गलत तरह से छूते हैं BSF जवान
कोलकाता, 16 नवंबर: केंद्र सरकार के बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स के अधिकार क्षेत्र को बढ़ाने का फैसला के खिलाफ पश्चिम बंगाल विधानसभा ने प्रस्ताव पास कर दिया है। पश्चिम बंगाल में बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र को 15 किमी से बढ़ाकर 50 किमी करने के केंद्र के फैसले के खिलाफ मंत्री पार्थ चटर्जी ने प्रस्ताव पेश किया। जिसे लंबी चर्चा के बाद पास कर दिया गया। प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान विधायक उदयन गुहा के बीएसएफ जवानों के महिलाओं के खिलाफ खराब बर्ताव की बात कहने पर चर्चा के दौरान हंगामा भी हुआ।

प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान राज्य की दिनहाटा विधानसभा से सत्ताधारी दल टीएमसी के विधायक उदयन गुहा ने कहा, जब महिलाएं सीमा पार करती हैं तो तलाशी के नाम पर बीएसएफ के जवान उन्हें गलत तरीके से छूते हैं। वो कितना भी भारत माता की जय बोल लें लेकिन देशभक्त नहीं हो सकते हैं। उदयन गुहा के इस बयान का भाजपा की तरफ से विरोध हुआ और इस पर देर तक हंगामा हुआ। भाजपा नेताओं ने हंगामा करते हुए जमकर नारेबाजी की और कार्यवाही को बहिष्कार कर बाहर निकले गए।
बीएसएफ अधिकारी की ओर से टीएमसी विधायक के बयान पर जवाब देते हुए कहा गया है कि बीएसएफ एक पेशेवर बल है जिसने हमेशा नियमों का पालन करते हुए काम करती है। बीएसएफ महिला प्रहरी हैं जो महिलाओं की तलाशी लेती हैं। बीएसएफ कर्मियों द्वारा महिलाओं को गलत तरीके से छूने के आरोप पूरी तरह निराधार है।
ममता बनर्जी ने नरेंद्र मोदी को खत भी लिखा
पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र को 15 किमी से बढ़ाकर 50 किमी करने के केंद्र के फैसले पर एतराज जताते हुए पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र भी लिख चुकी हैं। उनका कहना है कि केंद्र सरकार का यह कदम राज्य के अधिकार क्षेत्र में हस्तक्षेप है। उन्होंने केंद्र सरकार के इस फैसले के खिलाफ विधानसभा में प्रस्ताव लाने का फैसला लिया।
पंजाब में भी हो रहा भारी विरोध
केंद्र सरकार के इस कदम का एक और बॉर्डर स्टेट पंजाब में भी भारी विरोध हो रहा है। पंजाब के सीएम चरणजीत सिंह चन्नी कई बार गृहमंत्री अमित शाह और पीएम नरेंद्र मोदी से इस आदेश को वापस लेने की दरख्वास्त कर चुके हैं। चन्नी सरकार ने इसके खिलाफ लेकर विधानसभा में भी प्रस्ताव पास किया है।












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