पश्चिम बंगाल: नारदा स्टिंग केस में टीएमसी नेताओं पर मुकदमा चलाने को राज्यपाल धनखड़ ने दी मंजूरी
पश्चिम बंगाल: नारदा स्टिंग केस में टीएमसी नेताओं पर मुकदमा चलाने को राज्यपाल धनखड़ ने दी मंजूरी
कोलकाता, 10 मई: पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने तृणमूल कांग्रेस नेताओं के खिलाफ नारदा स्टिंग मामले में मुकदमा चलाने की इजाजत केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को दे दी है। सोमवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के मंत्रीमंडल के शपथ ग्रहण से कुछ देर पहले फरहाद हकीम, सुब्रत मुखर्जी, मदन मित्रा और सोवन चटर्जी के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी सीबीआई को दी है। सीबीआई ने इस मामले की जांच की है।
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पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने केंद्रीय जांच ब्यूरो के अनुरोध पर राज्यपाल ने फिरहाद हकीम, सुब्रत मुखर्जी, मदन मित्रा और सोवन चटर्जी के खिलाफ मामला चलाने की मंजूरी दी है। राजभवन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि चार नेताओं के खिलाफ अभियोजन की मंजूरी राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने तब दी जब सीबीआई ने एक अनुरोध किया और मामले से संबंधित सभी दस्तावेज मुहैया कराए गए। बयान में कहा गया है कि राज्यपाल कानून के संदर्भ में मंजूरी प्रदान करने के लिए सक्षम प्राधिकारी हैं, क्योंकि वे संविधान के अनुच्छेद 164 के तहत मंत्रियों को नियुक्ति करते हैं।
2016 में सामने आया था स्टिंग
नारद स्टिंग टेप पश्चिम बंगाल में 2016 के विधानसभा चुनावों से पहले सामने थे। बताया गया था कि ये स्टिंग 2014 में किया गया था। इस स्टिंग में कथित तौर पर टीएमसी नेताओं को रिश्वत लेते दिखाया गया था। स्टिंग में इस वक्त की टीएमसी सरकार में मंत्री फरहाद हकीम, सुब्रत मुखर्जी, मदन मित्रा और सोवन चटर्जी का नाम सामने आया था। ये चारों 2014 में ममता बनर्जी के कैबिनेट में मंत्री थे।
ये स्टिंग ऑपरेशन नारद न्यूज पोर्टल ने किया था। इस मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट ने 2017 में स्टिंग सीबीआई जांच का आदेश दिया था। जिसके बाद सीबीआई इस मामले की जांच कर रही है। बता दें कि इस समय सोवन चटर्जी टीएमसी में नहीं हैं। वहीं फरहाद हकीम, सुब्रत मुखर्जी, मदन मित्रा टीएमसी के विधायक हैं।












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