Murshidabad Row: मुर्शिदाबाद हिंसा की जांच करेगी SIT, 9 सदस्यों की टीम गठित, जानिए हर अपडेट
Murshidabad Row: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में वक्फ (संशोधन) अधिनियम के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा पर अब राजनीति गर्मा गई हैं, जहां सीएम ममता बनर्जी ने बुधवार को इसके लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया तो वहीं दूसरी ओर बीजेपी ने सीएम पर पलटवार किया है, उसका कहना है कि ममता जानबूझकर स्थिति को बिगाड़ने में जुटी हैं, को संविधान का अपमान कर रही हैं।
तो वहीं इस मामले की जांच एसआईटी करेगी, जिसमें 9 सदस्य है और इसकी अध्यक्षता डीआईजी मुर्शिदाबाद रेंज करेंगे। इस टीम की रूपरेखा निम्नलिखित है..

- 1 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (खुफिया शाखा)
- 2 उपाधीक्षक - एक काउंटर इंसर्जेंसी फोर्स (सीआईएफ)
- दूसरा आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी
- 5 निरीक्षक (सीआईडी से 4 और 1 ट्रैफिक पुलिस)
- साइबर अपराध पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी
आपको बता दें कि वक्फ (संशोधन) अधिनियम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान 11 अप्रैल को मुर्शिदाबाद में अचानक हिंसा फैल गई थी। इस दौरान जान-माल का काफी नुकसान हुआ है। इस हिंसा में तीन लोगों की मौत हुई थी और कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। पुलिस ने अभी तक इस मामले में 150 लोगों को गिरफ्तार किया है और प्रभावित इलाकों जैसे समसेरगंज और धुलियान में अतिरिक्त बल तैनात किया है।
क्या होती है SIT? कैसे काम करती है?
- SIT का पूरा नाम Special Investigation Team (SIT) है।
- जब भी कोई संवेदनशील, गंभीर या जटिल आपराधिक मामला सामने आता है, जिसमें सामान्य पुलिस जांच पर्याप्त नहीं मानी जाती, तब उस मामले की जांच के लिए SIT गठित की जाती है।
- इसका गठना सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट या राज्य/केंद्र सरकार के आदेश पर किया जाता है।
क्या कहा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने?
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को वक्फ संशोधन अधिनियम को लेकर मुर्शिदाबाद में हुए विरोध प्रदर्शन में मारे गए लोगों के परिवारों को 10 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की और साथ ही केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि मैंने इस मामले में मुख्य सचिव से रिपोर्ट मांगी है।
बंगाल में वक्फ संशोधन अधिनियम को लागू नहीं होने देंगे
कोलकाता के नेताजी इंडोर स्टेडियम में सभा को संबोधित करते हुए सीएम ममता ने कहा 'हिंसा में जान गंवाने वालों के परिवारों को 10-10 लाख रुपये मिलेंगे। हम पीड़ितों की धार्मिक पहचान नहीं बल्कि उनका दर्द देखते हैं। जिन लोगों ने अपने घर खो दिए हैं, उन्हें बांग्लार बाड़ी (पूरी तरह से उनकी सरकार द्वारा वित्तपोषित एक घर योजना) मिलेगी। जिन लोगों की दुकानें क्षतिग्रस्त हुई हैं, उनके लिए मुख्य सचिव अनुमान लगाएंगे और उनके लिए काम करवाएंगे,उन्होंने कहा कि हम अपने राज्य में वक्फ संशोधन अधिनियम को लागू नहीं होने देंगे।












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