RG Kar Murder Case: संजय राय को उम्रकैद क्यों मिली? फांसी क्यों नहीं? जानें कोर्ट के फैसले के पीछे की दलीलें
Kolkata RG Kar Murder Case Update: कोलकाता के RG कर मेडिकल कॉलेज में ट्रेनी डॉक्टर के रेप और मर्डर केस में दोषी संजय राय को सियालदह कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने इस मामले को 'रेयरेस्ट ऑफ रेयर' यानी दुर्लभ नहीं माना, इसलिए उसे फांसी के बजाय उम्रकैद दी गई। अदालत ने यह भी साफ किया कि संजय को अपनी पूरी जिंदगी जेल में बितानी होगी।
आपको बता दें कि 8-9 अगस्त की रात मेडिकल कॉलेज में एक ट्रेनी डॉक्टर का रेप और मर्डर हुआ। इस मामले में 10 अगस्त को संजय राय को गिरफ्तार किया गया। फॉरेंसिक जांच में संजय के डीएनए के सबूत पीड़िता और घटनास्थल पर मिले, जिससे उसकी संलिप्तता साबित हुई।

अदालती कार्यवाही और फैसले का आधार
18 जनवरी 2025 को सियालदह कोर्ट ने संजय को दोषी ठहराया। इसके बाद, 164 दिन की सुनवाई और 160 पन्नों के फैसले में सजा का ऐलान किया गया। संजय को भारतीय न्याय संहिता (IPC) की धारा 64 (बलात्कार), 66 (बलात्कार के कारण मृत्यु), और 103 (हत्या) के तहत दोषी पाया गया।
क्या कहती हैं ये धाराएं?
- धारा 64: बलात्कार के लिए 10 साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा।
- धारा 66: बलात्कार के कारण मौत होने पर कम से कम 20 साल की सजा, जिसे बढ़ाकर उम्रकैद किया जा सकता है।
- धारा 103: हत्या के लिए फांसी या उम्रकैद का प्रावधान।
क्यों नहीं दी गई फांसी की सजा?
CBI और पीड़िता के परिवार ने संजय को फांसी देने की मांग की। उनका कहना था कि यह घटना समाज को झकझोर देने वाली है और फांसी से ही न्याय होगा। लेकिन, जज अनिर्बान दास ने कहा कि यह 'रेयरेस्ट ऑफ रेयर' मामला नहीं है। अदालत ने सुधार के सिद्धांत को ध्यान में रखते हुए उम्रकैद का फैसला किया।
संजय राय की दलीलें और अदालत का जवाब
संजय ने खुद को निर्दोष बताया और कहा कि उसे फंसाया गया है। उसने दावा किया कि उसे बयान देने का पूरा मौका नहीं दिया गया। जज ने कहा कि तुम्हें पर्याप्त समय और मौका दिया गया। गवाहों, सबूतों और फॉरेंसिक रिपोर्ट की गहन जांच के बाद ही यह फैसला सुनाया गया है।"
पीड़िता के परिवार ने मुआवजा ठुकराया
कोर्ट ने राज्य सरकार को पीड़िता के परिवार को ₹17 लाख का मुआवजा देने का आदेश दिया। लेकिन परिवार ने इसे लेने से इनकार कर दिया और दोषी के लिए फांसी की सजा की मांग की।
सीबीआई और वकीलों की दलीलें
सीबीआई ने कहा कि यह मामला दुर्लभ है, क्योंकि पीड़िता एक मेधावी छात्रा थी, और यह घटना समाज के विश्वास को तोड़ने वाली है। संजय के वकील ने कहा कि फांसी के बजाय सुधारात्मक सजा (उम्रकैद) पर विचार करना चाहिए।
टाइमलाइन में पूरा केस समझें...(RG Kar Medical College Case Timeline)
- 9 अगस्त 2024: आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में ऑन ड्यूटी ट्रेनी डॉक्टर का शव मिला। जूनियर डॉक्टरों ने प्रदर्शन शुरू।
- 10 अगस्त 2024: कोलकाता पुलिस ने सिविक वॉलंटियर संजय रॉय को गिरफ्तार कर लिया।
- 12 अगस्तः मेडिकल कॉलेज के तत्कालीन प्रिंसिपल संदीप घोष ने पद से इस्तीफा दे दिया।
- 13 अगस्तः कलकत्ता हाईकोर्ट ने कोलकाता पुलिस से जांच छीनकर CBI को ट्रांसफर कर दी।
- 15 अगस्तः भीड़ ने आरजी कर में धावा बोल दिया और अंदर घुसकर तोड़फोड़ की।
- 18 अगस्तः सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए 20 अगस्त को मामले की सुनवाई तय की।
- 20 अगस्तः सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल सरकार और कोलकाता पुलिस से स्टेटस रिपोर्ट मांगी।
- 21 अगस्तः केंद्र ने CISF को आरजी कर अस्पताल की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंप दी।
- 24 अगस्तः मुख्य आरोपी संजय समेत छह लोगों का लाई-डिटेक्शन टेस्ट किया गया।
- 14-15 सितंबर: CBI ने पूर्व प्रिंसिपल और कोलकाता पुलिस के अफसर को गिरफ्तार किया।
- 7 अक्टूबरः मुख्य आरोपी संजय राय के खिलाफ CBI ने आरोप पत्र दाखिल किया।
- 21 अक्टूबर: डॉक्टरों ने CM ममता से मुलाकात के बाद 42 दिनों बाद हड़ताल खत्म की।
- 13 दिसंबरः पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष और कोलकाता पुलिस के अफसर को जमानत मिल गई।
- 9 जनवरी, 2025: संजय रॉय के मुकदमे की सुनवाई पूरी हुई, इस दौरान 50 गवाहों से पूछताछ की गई।
- 18 जनवरी, 2025: सियालदाह कोर्ट ने संजय रॉय को दोषी करार दिया।
- 20 जनवरी 2025: सियालदाह कोर्ट ने संजय रॉय को उम्रकैद की सजा सुनाई। कोर्ट ने इसे रेयरेस्ट ऑफ द रेयर नहीं माना।
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