कोलकाता कांड: 'बिना शर्त माफी मांगें अभिषेक बनर्जी', डॉक्टरों ने आखिर क्यों खोला TMC सांसद के खिलाफ मोर्चा?

Kolkata News: आरजी कर मेडिकल कॉलेज में महिला ट्रेनी डॉक्टर से रेप और हत्या के एक महीने बाद पहली बार डॉक्टरों ने सत्ताधारी तृणमूल नेतृत्व के खिलाफ सीधा मोर्चा खोलने का साहस दिखाया है। पश्चिम बंगाल में डॉक्टरों के एक शीर्ष संगठन ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे और पार्टी सांसद अभिषेक बनर्जी पर झूठ फैलाने का आरोप लगाते हुए बिना शर्त माफी मांगने को कहा है।

दरअसल, एक युवक की सड़क दुर्घटना की वजह से मौत हो गई तो अभिषेक बनर्जी ने दावा कर दिया कि ऐसा इस वजह से हुआ कि डॉक्टर विरोध-प्रदर्शनों में व्यस्त थे। उन्होंने सोशल मीडिया पर यह दावा किया, जिसे ज्वाइंट प्लेटफॉर्म ऑफ डॉक्टर्स (पश्चिम बंगाल) ने 'असत्य और भड़काऊ' बताते हुए उनसे बिना शर्त माफी मांगने को कहा है।

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अभिषेक पर लगाया झूठा और भ्रामक बयान देने का आरोप
ज्वाइंट प्लेटफॉर्म ऑफ डॉक्टर्स की ओर से रविवार को बहुत ही कठोर शब्दों में जारी बयान में कहा गया है, 'हम आपकी (अभिषेक बनर्जी) ओर से 6 सितंबर, 2024 को रात 10:27 बजे अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर पोस्ट किए गए असत्य और दुर्भावनापूर्ण बयान के बारे में औपचारिक रूप से विरोध और गहरी चिंता जाहिर करने के लिए लिख रहे हैं।'

इसमें आगे लिखा गया है, 'अपने पोस्ट में आपने बताया है, 'कोन्नगर के एक लड़के की आज सड़क दुर्घटना में मौत हो गई, तीन घंटे तक बिना चिकित्सकीय सहायता के खून बहता रहा, यह आरजी कर घटना के विरोध में डॉक्टरों की ओर से जारी विरोध प्रदर्शन का परिणाम है।' यह बयान पूरी तरह से झूठा और भ्रामक है।'

अभिषेक ने किया था तीन घंटे तक इलाज नहीं हो पाने का दावा
इसमें उस युवा मरीज की मौत से पहले तक का डॉक्टरों की ओर से उसे बचाने की हर कोशिश का पूरा ब्योरा दिया गया है। इसमें कहा गया है, 'युवा पुरुष मरीज दुर्भाग्यपूर्ण रोड दुर्घटना के बाद पॉलिट्रॉमा से पीड़ित थे, श्रीरामपुर से उन्हें बड़े केंद्र के लिए रेफर किया गया और सुबह 9:10 बजे उसी दिन 6 सितंबर को आरजी कर मेडिकल कॉलेज में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों ने उन्हें तत्काल अटेंड किया और 12:30 बजे उनकी दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु होने तक कई अंतरालों पर मेडिकल केयर देना जारी रखा, जैसा कि प्रॉविजनल डेथ सर्टिफिकेट में जिक्र किया गया है....ठीक आपके दावे के उलट कि... तो मरीज का 'बिना चिकित्सकीय सहायता के तीन घंटे तक खून नहीं बहता'।

'अभिषक बनर्जी का बयान खतरनाक और भड़काऊ'
डॉक्टरों की ओर से कहा गया है कि अभिषेक का सार्वजनिक बयान न सिर्फ तथ्यात्मक रूप से गलत है, बल्कि यह खतरनाक भी है। इसमें कोई सच्चाई नहीं है और उन चिकित्साकर्मियों को अपमानित करने वाला है, जिन्होंने मरीज की जान बचाने के लिए अपनी ओर से हर संभव कोशिश की। इस बयान में कहा गया है, 'इस तरह की गलत सूचना फैलाकर आप चिकित्सा समुदाय के खिलाफ हिंसा और शत्रुता भड़काने का जोखिम उठा रहे हैं, जो 9 अगस्त को एक ट्रेनी डॉक्टर के खिलाफ किए गए जघन्य अपराध के बाद पहले से ही भारी दबाव और सदमे में है।'

तृणमूल पर प्रदर्शनकारी डॉक्टरों के खिलाफ हिंसक होने का भी लगाया आरोप
इतना ही नहीं द हिंदू की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस प्लेटफॉर्म के डॉक्टर पुण्यब्रत गुन ने सत्ताधारी तृणमूल पर तो यहां तक आरोप लगाया है कि वह अब डॉक्टरों के आंदोलन को तोड़ने पर आमादा हो चुकी है और इसके कार्यकर्ता प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसक हो रहे हैं। माथाभांगा, बारासात और कल रात नैहाटी में ये प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसक हो चुके हैं और लोगों के मन में डर का माहौल बना चाहते हैं। उनकी कोशिश है कि डॉक्टरों को बदनाम किया जाए।

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