विपक्षी सांसदों का PM मोदी के 'आपातकाल' वाले बयान पर पलटवार, महुआ मोइत्रा बोलीं- देश की जनता BJP को समझ गई
First Session of 18th Lok Sabha: 18वीं लोकसभा का पहला सत्र सोमवार (24 जून) से शुरू हो चुका है। इसी के साथ विपक्ष का गठबंधन इंडिया भी केंद्र सरकार पर हमलावर हैं। दरअसल, लोकसभा के पहले सत्र की शुरुआत से पहले संसद परिसर में मीडिया को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि 25 जून को आपातकाल की वर्षगांठ है। इसी के साथ उन्होंने इसे भारत के संसदीय इतिहास में एक काला धब्बा बताया, जब संविधान को त्याग दिया गया और देश को जेल में बदल दिया गया।
पीएम मोदी के इस बयान के बाद विपक्ष ने भी केंद्र के सत्तारूढ दल पर भाजपा को आड़े हाथों लिया।कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने देश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति को अघोषित आपातकाल करार दिया है। साथ ही विपक्ष ने नीट, पेपर लीक और रेल हादसे का मुद्दा उठाते हुए मोदी सरकार को घेरा।

17वीं लोकसभा से बर्खास्त की गईं तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सांसद महुआ मोइत्रा एक बार फिर चुनाव जीतकर संसद पहुंच गई हैं, जिन्होंने फिर से मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा।
पश्चिम बंगाल की कृष्णानगर लोकसभा सीट से तृणमूल कांग्रेस के प्रत्याशी के रूप में दूसरी बार जीत दर्ज करने वालीं महुआ मोइत्रा के निशाने पर फिर से केंद्र सरकार है। संसद के सत्र के दौरान उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को मौजूदा मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।
महुआ मोइत्रा का बीजेपी पर निशाना
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि, 'वे '400 पार' कहते रहे, लेकिन साधारण बहुमत भी नहीं पा सके। इसका एकमात्र कारण यह है कि देश की जनता समझ गई है कि एक तरफ भाजपा है और दूसरी तरफ संविधान है। लोगों ने संविधान को चुना है।'
वो संविधान के खिलाफ है-TMC सांसद
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा कि भाजपा चुनाव में बहुमत से चूक गई, क्योंकि देश के लोगों को एहसास हो गया है कि वह संविधान के खिलाफ है। 303 से भाजपा 240 पर आ गई है, वे अल्पमत की सरकार चला रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र में भाजपा सरकार के तहत देश में 'अघोषित आपातकाल' लगा हुआ है। टीएमसी नेता ने कहा, "मैं पहले आपातकाल के दौरान पैदा नहीं हुई थी, लेकिन वे (भाजपा) पिछले 10 सालों से अघोषित आपातकाल चला रहे थे और देश के लोगों ने कहा था कि ऐसा नहीं होने दिया जाएगा।"
'आपातकाल का दौर खत्म हो चुका है, लेकिन'
वहीं शिवसेना (यूबीटी) नेता अनिल देसाई ने कहा कि आपातकाल का दौर बहुत पहले खत्म हो चुका है और सरकार को वर्तमान पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा, "आपातकाल का दौर खत्म हो चुका है, लेकिन आज क्या स्थिति है? कोई भी आपातकाल को याद करना पसंद नहीं करता... मुझे उम्मीद है कि काले दिन वापस नहीं आएंगे।"
चंद्रशेखर 'रावण' ने भी साधा निशाना
आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के सांसद चंद्रशेखर 'रावण' ने कहा कि प्रधानमंत्री को अपनी सलाह पर अमल करना चाहिए। उन्होंने कहा, "अगर वह जो कह रहे थे, वह उनके काम में झलकता तो अच्छा होता। इस संसद में ही 140 से ज़्यादा सांसदों को निलंबित किया गया और कानून पारित किए गए। उम्मीद है कि यह सरकार, जो उतनी लोकप्रिय नहीं है, लोगों की भावनाओं का सम्मान करेगी और कोई कानून नहीं थोपेगी।"












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