Kolkata Case: कोलकाता डॉक्टर केस मे अब ED की एंट्री, आरजी कर मेडिकल कॉलेज में की जांच की
Kolkata Case: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में कथित वित्तीय कदाचार के मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, यह जांच पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष और अन्य व्यक्तियों के कार्यकाल पर केंद्रित है।ईडी की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की प्राथमिकी (एफआईआर) से उपजी है।

एजेंसी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की विभिन्न धाराओं के तहत अपनी प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) दायर की है।
बैंकिंग और खरीद दस्तावेज़
सूत्रों से पता चला है कि ईडी ने कई स्रोतों से अस्पताल से जुड़े बैंकिंग और मेडिकल खरीद संबंधी दस्तावेज जुटाए हैं। ये दस्तावेज चल रही जांच के लिए महत्वपूर्ण हैं।
आरोपियों को पूछताछ और उनके बयान दर्ज करने के लिए जल्द ही समन जारी किया जा सकता है। ईडी मामले में नामित व्यक्तियों का नाम सीबीआई की शिकायत में भी दर्ज है।
सीबीआई की एफआईआर और आरोप
सीबीआई ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद एफआईआर दर्ज की। एफआईआर में घोष और कोलकाता की तीन निजी कंपनियों का नाम शामिल है: मा तारा ट्रेडर्स, ईशान कैफे और खामा लौहा।
सीबीआई ने इन दलों पर भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए हैं, जिनमें 120 बी (आपराधिक षड्यंत्र), 420 (धोखाधड़ी) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 शामिल है, जो लोक सेवकों को रिश्वत देने से संबंधित है।
हाल ही में छापे
रविवार को सीबीआई अधिकारियों ने कोलकाता में घोष, पूर्व चिकित्सा अधीक्षक संजय वशिष्ठ और 13 अन्य से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की। ये छापे आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में वित्तीय अनियमितताओं की चल रही जांच का हिस्सा हैं।
यह जांच 9 अगस्त को एक स्नातकोत्तर प्रशिक्षु महिला डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या से संबंधित आरोपों के बाद की जा रही है। रविवार की तलाशी के दौरान एक सीबीआई अधिकारी ने टिप्पणी की कि "बहुत कुछ है"।












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