बंगाल की सियासत में एक तस्वीर से मचा भूचाल! ममता संग नजर आए दिलीप घोष अपनी ही पार्टी में घिरे, देनी पड़ी सफाई
West Bengal Politics: पश्चिम बंगाल में अगले साल विधानसभा चुनाव से होने वाले हैं। ऐसे में सत्तारूढ़ दल के खिलाफ प्रमुख विपक्षी दल भाजपा ने मोर्चा खोला हुआ है। वक्फ संशोधन कानून के खिलाफ बंगाल में कई जगह हिंसा हुई, जिसके बाद बीजेपी लगातार ममता बनर्जी और उनकी पार्टी पर हमलावर हैं। इस बीच बंगाल की सियासत से एक ऐसा तस्वीर सामने आई, जिसके बाद राजनीतिक पारा बढ़ गया है।
दरअसल, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल के पुरबा मेदिनीपुर जिले के दीघा शहर में नवनिर्मित जगन्नाथ मंदिर में भाजपा नेता दिलीप घोष और उनकी पत्नी से मुलाकात की। इस मुलाकात की तस्वीर देखते ही देखते वायरल हो गई। यहां तक की दिलीप घोष अपनी ही पार्टी के निशाने पर आ गए हैं।

मुलाकात के बाद अपनों से ही घिरे घोष
ममता संग दिलीप घोष की मुलाकात के बाद खुद भाजपा नेता अपनी ही पार्टी में घिरे चुके हैं। भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य और पूर्व सांसद स्वपन दास गुप्ता ने फोटो एक्स पर पोस्ट करते हुए तीखा तंज कसा है। उन्होंने लिखा है कि 'पूर्व प्रदेश अध्यक्ष द्वारा किए गए इस स्पष्ट विश्वासघात से बंगाल भाजपा के जमीनी कार्यकर्ताओं में आक्रोश इतना तीव्र है कि राष्ट्रीय नेतृत्व इसे नजरअंदाज नहीं कर सकता।'
ममता बनर्जी की दिलीप घोष से मुलाकात, देनी पड़ी सफाई
वहीं भाजपा पश्चिम बंगाल पूर्व अध्यक्ष दिलीप घोष को ममता बनर्जी संग मुलाकात पर सफाई तक देनी पड़ी। उन्होंने कहा कि मैंने श्रीजगन्नाथ मंदिर का दौरा सिर्फ इसलिए किया क्योंकि उन्हें आधिकारिक न्योता मिला था और पार्टी ने भी उनको जाने से मना नहीं किया। इसी के साथ उन्होंने तृणमूल कांग्रेस (TMC) में शामिल होने की अटकलों को भी सिरे से खारिज कर दिया।
'मेरा बुरा वक्त नहीं है, मैं क्यों शामिल होऊं?'
टीएमसी में शामिल होने की अटकलों के बारे में घोष ने साफ कहा कि मैं क्यों शामिल होऊं? उन्होंने कहा कि मेरा बुरा वक्त नहीं है। मैं पिछले 10 सालों में नहीं बदला हूं, मैंने अपनी पार्टी नहीं बदली है जैसे कई लोग चुनाव आने पर पाला बदल लेते हैं। दिलीप घोष को पाला बदलने की जरूरत नहीं है।












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