कोलकाता: बीजेपी सांसद अर्जुन सिंह के घर पर फिर फेंके गए बम, TMC को बताया जिम्मेदार
कोलकाता, सितंबर 14: कोलकाता से सटे उत्तर 24 परगना जिले के बैरकपुर से भाजपा सांसद अर्जुन सिंह के घर पर एक बार फिर से बम फेंके गए हैं। इससे पहले 8 सितंबर को भी उनके घर पर बम फेंके जाने का मामला सामने आया था। सोमवार को ही राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने उस घटना की जांच की थी। एक अधिकारी ने बताया कि उनके घर के पिछले हिस्से में सुबह करीब साढ़े आठ बजे बम फेंके गए हैं।

घटना पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सांसद ने कहा, 'अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं, और पुलिस तृणमूल के दलाल के रूप में काम कर रही है। लेकिन मैं इस तरह के हमलों से नहीं डरता और न ही कभी रहूंगा। आज मेरी संपत्ति के बाहर दूसरा बम हमला किया गया। पश्चिम बंगाल सरकार एनआईए को चुनौती दे रही है। डर का माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है। एनआईए को जांच करनी चाहिए कि ऐसे विस्फोटक कहां से लाए जा रहे हैं। मैंने एक प्राथमिकी दर्ज करायी है।
बीजेपी सांसद अर्जुन सिंह ने इस घटना के लिए टीएमसी पर निशाना साधते हुए कहा है कि उसके पाले गए गुंडों ने ही यह किया है। एनआईए की जांच अभी शुरू नहीं हुई है तबतक ये दूसरा हमला है। सत्ताधारी पार्टी एनआईए को भी चैंलेंज कर रही है कि तुम क्या जांच करोगे। पुलिस वाले वहां रहने वाले लोगों को परेशान कर रहे हैं। पुलिस अपराधियों के पीछे नहीं जा रही है। टीएमसी सांसद सुखेंदु शेखर रे ने भाजपा सांसद अर्जुन सिंह पर आरोप पर कहा कि, उनके पास जो भी शिकायत हैं, उसे एनआईए को करने दें क्योंकि एनआईए इस मामले को देख रही है। उन्हें एनआईए में जाने दें और उन्हें बताएं कि वह क्या कहना चाहते हैं।
हालांकि टीएमसी ने इन आरोपों को खारिज किया है और उल्टे बीजेपी सांसद पर ही हमला बोला है। तृणमूल कांग्रेस ने कहा कि बीजेपी सांसद ने खुद अपने घर पर हमला कराया है ताकि राजनीतिक तौर पर चर्चा में बने रह सकें। एक हफ्ते के भीतर दूसरी बार सांसद के घर के पास बमबाजी की घटना के बाद पुलिस और प्रशासन की सक्रियता पर सवाल उठ रहे हैं।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने सोमवार को बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के जगतदल में सिंह के आवास पर बम हमले के मामले को अपने हाथ में ले लिया था। इससे पहले हुए बम धमाके के समय़ भाजपा सांसद अर्जुन सिंह अपने घर पर मौजूद नहीं थे। हालांकि, उनका परिवार अंदर था। राज्य भाजपा प्रमुख दिलीप घोष ने पहले हमले के लिए तृणमूल कांग्रेस पर आरोप लगाया था, जबकि पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने आरोप लगाया था कि बंगाल में "अवांछित हिंसा" के कम होने का कोई संकेत नहीं" दिख रहा है। राज्यपाल ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को अपनी चिंताओं के बारे में बताया है।
भाजपा की बंगाल इकाई के उपाध्यक्ष रितेश तिवारी ने कहा था कि, अगर सांसदों और विधायकों के घर सुरक्षित नहीं हैं तो बंगाल में आम आदमी की हालत कोई भी समझ सकता है. इस घटना से पता चलता है कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस सरकार में गुंडाराज जारी है।












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