Bengal Politics: 'मैं कट्टर मुसलमान पहले हूं' कहने वाले TMC MLA हुमायूं कबीर ने अब पार्टी से क्या कहा?
Bengal Politics: पश्चिम बंगाल की राजनीति में विवादास्पद बयानबाजी थमने का नाम नहीं ले रही है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के विधायक हुमायूं कबीर की ओर से नेता विपक्ष सुवेंदु अधिकारी के खिलाफ दिए गए भड़काऊ बयान को लेकर पार्टी ने उन्हें चेतावनी दी है और अनुशासन बनाए रखने का निर्देश दिया है।
मंगलवार को तृणमूल विधायक दल ने हुमायूं कबीर को सार्वजनिक रूप से उत्तेजक और सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील बयान देने से बचने की हिदायत दी है। पार्टी ने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी विधायक को ऐसा कुछ नहीं कहना चाहिए, जो संविधान की भावना के विरुद्ध हो।

Bengal Politics: हुमायूं कबीर तो तृणमूल ने अनुशासन में रहने की हिदायत दी
पश्चिम बंगाल के संसदीय कार्य मंत्री शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने बताया कि कबीर को उनके बयान को लेकर बुलाया गया था और निर्देश दिया गया कि वे भविष्य में इस तरह के बयान न दें।
उन्होंने कहा, 'हम सभी अपनी धार्मिक पहचान रखते हैं, लेकिन हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि हम संविधान की रक्षा की शपथ लेने वाले विधायक भी हैं।' चट्टोपाध्याय ने बताया कि कबीर ने आगे से इस तरह की टिप्पणी नहीं करने का आश्वासन दिया है।
Bengal TMC: विवाद की शुरुआत कैसे हुई?
दरअसल, यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने बयान दिया कि यदि बीजेपी सत्ता में आई तो मुस्लिम विधायकों को विधानसभा से बाहर कर दिया जाएगा।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए हुमायूं कबीर ने 12 मार्च को अधिकारी को 72 घंटे के अंदर अपने बयान वापस लेने की चेतावनी दी थी। उन्होंने धमकी भरे लहजे में कहा था कि यदि अधिकारी अपने बयान से पीछे नहीं हटते तो उन्हें 'उचित तरीके से सबक सिखाया जाएगा' और 40 मुस्लिम विधायक उनके खिलाफ प्रदर्शन करेंगे।
इसके बाद, कबीर ने अपने बयान को और तीखा करते हुए कहा कि यदि अधिकारी मुर्शिदाबाद जिले में प्रवेश करने की कोशिश करते हैं, तो उन्हें रोक दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अधिकारी का वही हश्र होगा, जो वर्षों पहले कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी का हुआ था, जब उनके काफिले को जिले में दो घंटे तक रोका गया था।
उन्होंने यहां तक धमकाया था कि अगर अधिकारी ने अपना बयान वापस नहीं लिया तो उनका हाथ तोड़ दिया जाएगा।
Bengal News: TMC की अनुशासन समिति की कार्रवाई
कबीर के इस बयान के बाद, तृणमूल की अनुशासन समिति ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया था। लेकिन, कबीर ने सोमवार को दो टूक जवाब देते हुए कहा कि वह अपने बयान पर कायम हैं और जो भी उचित समझेंगे, वह अनुशासन समिति के सामने रखेंगे। उन्होंने यह भी दावा किया था कि वह पार्टी के किसी भी अनुशासनात्मक कार्रवाई से डरते नहीं हैं।
ममता बनर्जी ने हाल ही में सभी मंत्रियों और विधायकों को भाजपा नेताओं के कथित भड़काऊ बयानों पर प्रतिक्रिया देने से बचने और पार्टी नेतृत्व के निर्देशों के अनुसार ही जवाब देने को कहा था। इसी संदर्भ में पार्टी ने कबीर को स्पष्ट रूप से आगाह किया कि वे ऐसी कोई भी बात न कहें जो पार्टी की नीति के खिलाफ हो।
Bengal TMC MLA: 'पहले मेरी पहचान एक कट्टर मसलमान की है'
अब सवाल उठता है कि हुमायूं कबीर इस चेतावनी के बाद क्या करेंगे? क्योंकि उन्होंने कहा था, 'अगर वह मुस्लिम विधायकों को उठाकर विधानसभा से बाहर फेंकने की बात करते हैं, तो आप हमसे यह उम्मीद नहीं कर सकते कि हम सुवेंदु अधिकारी को रसगुल्ला खिलाएंगे। निश्चित रूप से मैं तृणणूल कांग्रेस का एक एमएलए हूं, लेकिन पहले मेरी पहचान एक कट्टर मुसलमान की है।' (इनपुट-पीटीआई)












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