UP Economy: वाराणसी समीक्षा बैठक में कृषि, उद्योग और पर्यटन को दी नई रफ्तार, मंत्री ने दिए ये निर्देश
UP Economy: वाराणसी में शनिवार को विकास योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने स्पष्ट किया कि प्रदेश को तेज़ी से आगे बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि हर जिला अपनी क्षमता का पूरा इस्तेमाल करे।
बैठक में जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने वाराणसी के आर्थिक आंकड़े प्रस्तुत किए। रिपोर्ट के अनुसार, जिले की विकास दर 13.8 प्रतिशत दर्ज की गई है। राज्य की कुल जीडीपी में वाराणसी का योगदान करीब 2 प्रतिशत है, जो आने वाले वर्षों में और बढ़ाने का लक्ष्य है।

मंत्री ने बैठक में यह भी कहा कि कृषि, सेवा और औद्योगिक क्षेत्र मिलकर ही प्रदेश को नई रफ्तार देंगे। उन्होंने रोजगार सृजन को सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता बताया और निर्देश दिए कि योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक पहुंचे।
कृषि और उद्योग को लेकर सख्त निर्देश
बैठक के दौरान कृषि उत्पादकता बढ़ाने पर जोर दिया गया। मंत्री ने कहा कि दलहन और तिलहन जैसी फसलों को प्रोत्साहन देने की जरूरत है। एग्रीटेक स्टार्टअप, सीड पार्क और आधुनिक भंडारण व्यवस्था किसानों की आय को स्थायी रूप से मजबूत करेगी।
उद्योग क्षेत्र में भी मंत्री ने ठोस कदम उठाने के संकेत दिए। उन्होंने कहा कि कमजोर पड़ी औद्योगिक इकाइयों की समीक्षा की जाए और उन्हें पुनर्जीवित करने की योजना बने। इससे न केवल उत्पादन बढ़ेगा बल्कि युवाओं को रोज़गार भी मिलेगा।
सेवा क्षेत्र में तेजी, पर्यटन पर फोकस
वाराणसी में सेवा क्षेत्र पहले से ही मजबूत है। जिलाधिकारी की रिपोर्ट में बताया गया कि पर्यटन में 42 प्रतिशत और होटल कारोबार में 66 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है। इसे और बढ़ाने के लिए मेडिकल टूरिज्म और होम स्टे जैसी योजनाएं आगे बढ़ाई जा रही हैं।
प्रभारी मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित रोपवे परियोजना शहर की बड़ी समस्या यानी ट्रैफिक जाम को काफी हद तक हल करेगी। यह न सिर्फ यात्रियों के लिए राहत होगी बल्कि पर्यटन क्षेत्र को नई दिशा भी देगी।
शिक्षा और आधारभूत सुविधाओं पर जोर
बैठक में शिक्षा व्यवस्था पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने कहा कि कोई भी प्राथमिक विद्यालय बंद नहीं किया जाएगा। बल्कि नई शिक्षा नीति के तहत इन स्कूलों में प्री-प्राइमरी बच्चों के लिए पढ़ाई की बेहतर व्यवस्था की जाएगी।
साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि सभी बुनियादी सुविधाएं जनता तक समय पर पहुंचे। बिजली, सड़क और स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। शहर में लटकते तारों को सुरक्षित करने और बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने पर भी विशेष जोर दिया गया।
मंत्री ने कहा कि सरकार ने हाल ही में जीएसटी स्लैब में कटौती कर बड़ा राहत कदम उठाया है। धार्मिक पर्यटन और विकास योजनाओं को गति देने के लिए केंद्र और राज्य मिलकर काम कर रहे हैं। इसका सीधा लाभ वाराणसी और प्रदेश दोनों को मिलेगा।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने मंत्री का आभार जताया और आश्वासन दिया कि सभी निर्देशों का पालन पूरी गंभीरता से किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वाराणसी अपने योगदान से प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा।












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