PM Modi in Varanasi: काशी में भव्य स्वागत, मॉरीशस के पीएम संग शिक्षा और स्वास्थ्य को लेकर हुए अहम समझौते
PM Modi in Varanasi: वाराणसी गुरुवार को खास मेहमानों के स्वागत में जगमगा उठा। मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम के साथ बैठक करने पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शहरवासियों ने भव्य अभिनंदन किया। दोनों नेता यहां द्विपक्षीय बैठक के लिए पहुंचे हैं। बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास से जुड़े अहम मुद्दों पर बातचीत हो रही है।
इधर, पीएम मोदी के एयरपोर्ट पहुंचने पर एयरपोर्ट के एप्रन पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और दोनों उपमुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया। इसके बाद मोदी हेलीकॉप्टर से पुलिस लाइन पहुंचे और सड़क मार्ग से होटल ताज रवाना हुए। इस दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम देखने को मिले।

होटल ताज पहुंचने पर दोनों प्रधानमंत्रियों का पारंपरिक अंदाज में स्वागत किया गया। ढोल-नगाड़ों और फूलों की बारिश से माहौल उत्सव जैसा दिखाई दिया। पीएम नरेंद्र मोदी और नीवनचंद्र रामगुलाम ने हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन किया। उसके बाद होटल द गेटवे ऑफ इंडिया में द्विपक्षीय वार्ता की शुरुआत हुई।
शिक्षा और शोध में नई साझेदारी
बैठक में शिक्षा क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाले करार हुए। आईआईटी मद्रास और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ प्लांटेशन मैनेजमेंट ने मॉरीशस यूनिवर्सिटी के साथ समझौते किए गए। बताया जा रहा है कि यह पहल दोनों देशों के छात्रों और शोधकर्ताओं को वैश्विक स्तर पर नए अवसर प्रदान करेगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि शोध और नवाचार में सहयोग हिंद महासागर क्षेत्र की साझेदारी को मजबूत करेगा। उन्होंने इस समझौते को भारत-मॉरीशस संबंधों के भविष्य के लिए निर्णायक करार दिया और छात्रों को इसके जरिए नए रास्ते खुलने की बात कही।
स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ी पहल
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि भारत के बाहर पहला जन औषधि केंद्र अब मॉरीशस में स्थापित किया जा चुका है। इससे वहां सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं लोगों तक आसानी से पहुंच सकेंगी। उन्होंने इसे स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम बताया।
मॉरीशस के प्रधानमंत्री ने भी इस पहल का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि भारत की इस सहायता से उनके देश में आम जनता को किफायती दवाएं उपलब्ध होंगी और स्वास्थ्य ढांचा और मजबूत होगा।
आर्थिक सहयोग और विकास की राह
वार्ता के दौरान मोदी ने मॉरीशस के लिए विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस सहयोग से वहां का बुनियादी ढांचा मजबूत होगा और स्थानीय स्तर पर नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। यह पहल वहां की अर्थव्यवस्था को मजबूती देगी।
इसके अलावा दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचार साझा किए। पीएम मोदी ने चागोस समझौते की सफलता पर मॉरीशस को बधाई दी और कहा कि भारत ने हमेशा उपनिवेशवाद का विरोध किया है और आगे भी मजबूती से साथ खड़ा रहेगा।
काशी-मॉरीशस का सांस्कृतिक रिश्ता
प्रधानमंत्री मोदी ने काशी को अपनी राजनीति का केंद्र और भारतीय सभ्यता की आत्मा बताया। उन्होंने कहा कि यहां की परंपराएं सदियों पहले मॉरीशस पहुंचीं और वहां की संस्कृति में गहराई से बस गईं।
उन्होंने कहा कि जब मॉरीशस से आए अतिथि काशी पहुंचते हैं तो यह केवल औपचारिकता नहीं बल्कि आत्मीय मिलन होता है। यही भावनात्मक रिश्ता भारत और मॉरीशस को सिर्फ मित्र नहीं बल्कि परिवार जैसा जोड़ता है।
मॉरीशस के प्रधानमंत्री डॉ. नवीनचंद्र रामगुलाम ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और मैंने वैश्विक चुनौतियों पर गहन विचार-विमर्श किया है और हम साथ मिलकर काम करना जारी रखेंगे। इस यात्रा ने इस बात की पुष्टि की है कि मॉरीशस और भारत के बीच संबंध केवल इतिहास या भूगोल से ही परिभाषित नहीं होते, बल्कि साझा मूल्यों, समान दृष्टिकोण और स्थायी मित्रता से परिभाषित होते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि जिन मुद्दों पर हमने चर्चा की, उनमें दोहरा कराधान निवारण संधि भी शामिल है, जिसके बारे में हमें लगता है कि सुधार किया जा सकता है, लेकिन हम देखेंगे कि आगे क्या होता है। हमारी पुलिस प्रशिक्षण के लिए भारत आती है, लेकिन हम पूरे ढांचे को देखना चाहते हैं।
हमें भारत से तकनीकी सहयोग चाहिए। हमें निगरानी की ज़रूरत है। हमारे पास निगरानी की क्षमता नहीं है। और साथ ही, हम डिएगो गार्सिया सहित चागोस द्वीप समूह में अपना झंडा फहराने के लिए जाना चाहते हैं। हम एक जहाज चाहते थे, ब्रिटिश ने हमें प्रस्ताव दिया, लेकिन हमने कहा कि हम भारत से एक जहाज चाहते हैं क्योंकि प्रतीकात्मक रूप से यह बेहतर होगा।












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