Varanasi: QR Code स्कैन करना पड़ गया महंगा, खाते में पांच रुपए भेजकर उड़ा दिया साढ़े 16 हजार
Varanasi में ठगी का एक नया तरीका सामने आया है, बाइक खरीदने के नाम पर एक ठग ने एक व्यक्ति को साढ़े 16 हजार का चूना लगा दिया
वाराणसी, 30 जुलाई : ऑनलाइन ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ठगों द्वारा सीधे-साधे लोगों को ठगने के लिए नया नया तरीका अपनाया जाता है। कई माह तक जहां ठक खुद को बाइक विक्रेता बता कर लोगों को ठग रहे थे। वहीं अब क्रेता बनकर ठगने की बात सामने आ रही है। दरअसल वाराणसी जिले के नई बस्ती पांडेपुर के रहने वाले श्यामजी अपनी बाइक बेचने के लिए उसकी फोटो और कीमत ओएलएक्स पर अपलोड किए थे। उसी फोटो को देख कर बाइक खरीदने की इच्छा जताते हुए एक ठग ने उनको 16500 का चूना लगा दिया।

ऑनलाइन रूपए भेजने का दिया भरोसा
भुक्तभोगी श्याम जी ने पुलिस को बताया कि उन्होंने अपनी बाइक की फोटो ओएलएक्स पर अपलोड किया था। उन्हें एक अनजान नंबर से किसी ने फोन किया और बाइक के बारे में जानकारी लिया। 35 हजार रुपए में बाइक खरीदने के लिए ठग तैयार हो गया। उसने पहले 5 रुपए श्याम जी को ऑनलाइन ट्रांसफर किया। रुपए आने के बाद उसने कहा एक व्यक्ति बाइक लेने जाएगा और आप उसे बाइक दे दीजिएगा। मैं ऑनलाइन 35 हजार ट्रांसफर कर रहा हूं।

क्यूआर कोड स्कैन करते कटने लगे पैसे
श्यामजी ने बताया कि कुछ देर बाद उसने पुनः फोन किया और कहा कि आपके मोबाइल पर एक क्यूआर कोड भेजा हूं। उस कोड को स्कैन कर लिजिए और स्कैन करने पर आपको 35 हजार रूपए मिल जाएंगे। श्याम जी ने पेमेंट एप से उस क्यूआर कोड को स्कैन किया उसके बाद उनके खाते से 5500 रुपए ट्रांसफर हो गए, लेकिन इसकी जानकारी उनको नहीं मिली। उसके बाद उन्होंने ठग के मोबाइल पर फोन किया और कहा कि पैसा नहीं आया।

बरगलाता रहा ठग, और कटते रहे पैसे
ठग ने उनको बताया कि आप क्यूआर कोड को सही तरीके से स्कैन नहीं कर रहे हैं। उसके बाद फोन काट कर उन्होंने पुनः स्कैन किया, लेकिन उनके खाते में पैसा नहीं आया। पैसा न आने पर तीसरी बार भी श्याम जी ने स्कैन किया और तीसरी बार भी पैसा नहीं आया। उसके बाद उन्होंने अपने अकाउंट का बैलेंस चेक किया तो पता चला कि उनके खाते से साढ़े 16 हजार रुपए कट चुके हैं। श्याम जी को ठगी का अहसास हुआ उसके बाद उन्होंने उसे फोन किया। फोन करने के बाद वह फोन नहीं उठाया। परेशान होकर श्याम जी लालपुर थाने पहुंचे और पुलिस से लिखित शिकायत किए। शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस द्वारा मामले की जांच पड़ताल की जा रही है।












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