UP: कौन है टमाटरों की सिक्योरिटी के लिए बाउंसर रखने वाला अजय फौजी? PM के काफीले को भी दिखा चुका है काला कपड़ा
UP News: वाराणसी में सब्जी की दुकान पर टमाटरों की सुरक्षा के लिए बाउंसर रखने के बाद चर्चा में आए अजय फौजी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इसके अलावा सब्जी विक्रेता को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है।
UP Varanasi News: वाराणसी में सब्जी की दुकान के आगे टमाटर की सुरक्षा के लिए रविवार को समाजवादी पार्टी के नेता अजय फौजी द्वारा बाउंसर तैनात किए गए। बाउंसर तैनात किए जाने के बाद सोशल मीडिया में खूब वीडियो और फोटो वायरल हुआ।
लोगों द्वारा टमाटर के बढ़ते भाव और टमाटर की सुरक्षा के लिए तैनात किए गए बाउंसर को लेकर सवाल उठाए जाने लगे। यहां तक कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा टमाटर को जेड प्लस सिक्योरिटी प्रदान करने की मांग की गई।

वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद वाराणसी पुलिस हरकत में आई और तत्काल दुकानदार को रविवार रात में ही पकड़ लिया गया। दुकानदार के खिलाफ जांच पड़ताल प्रारंभ की गई तो सपा नेता लंका थाने पर डट गए। रविवार रात में ही अखिलेश यादव द्वारा ट्वीट करते हुए सब्जी विक्रेता को छोड़ने की मांग की गई।
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फिलहाल, इस मामले के बाद एक बार फिर सुर्खियों में आए अजय फौजी का खुद को चर्चा में लाने के लिए यह पहला मामला नहीं है। इसके पहले भी अजय फौजी द्वारा कई ऐसे कारनामे किए जा चुके हैं जिसको लेकर अजय फौजी के खिलाफ कार्रवाई भी की गई थी।
साल 2020 में पीएम के काफिले को दिखाया था काला कपड़ा: दरअसल, लंका थाना क्षेत्र के सीरगोवर्धनपुर निवासी अजय फौजी समाजवादी पार्टी के वाराणसी के पूर्व जिलाध्यक्ष सतीश फौजी का बेटा है। साल 2020 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में पहुंचे थे।
प्रधानमंत्री का काफिला लंका स्थित रविदास गेट से आगे बढ़ा था उसी समय चाक-चौबंद सुरक्षा को धता बताते हुए अजय फौजी सुरक्षा घेरा तोड़कर काफिले के सामने आ गया था और पीएम के काफिले को काला कपड़ा दिखाया था। हालांकि पीएम की सुरक्षा में तैनात एसपीजी के जवानों ने उसे धक्का देकर तुरंत किनारे कर दिया था उसके बाद पुलिस ने उसे पकड़ लिया था।
पकड़े जाने के बाद अजय फौजी द्वारा बताया गया था कि प्रदेश में बढ़ते अपराध और बेरोजगारी से परेशान होकर उसने प्रधानमंत्री के काफिले को काला झंडा दिखाया। वही इस मामले में हिरासत में लिए जाने के बाद अजय फौजी के पिता सतीश फौजी द्वारा बताया गया कि उनके बेटे की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है।
इस मामले में कार्रवाई करते हुए अजय फौजी को जेल भी भेजा गया था। इसके अलावा साल 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सामने घाट पुल का लोकार्पण किया जाना था। लेकिन उससे पहले ही अजय फौजी ने सामने घाट पुल का फीता काटकर उद्घाटन कर दिया था।
उस समय अजय फौजी द्वारा आरोप लगाया गया था कि पुल को समाजवादी पार्टी सरकार द्वारा बनवाया गया था। ऐसे में उसका कहना था कि जब सपा सरकार में पुल का निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ तो समाजवादी पार्टी के द्वारा ही इसका उद्घाटन किया जाएगा।












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