Varanasi News: मिड डे मील में मशरूम का लुफ्त उठाएंगे स्टूडेंट, किसानों की होगी कमाई
वाराणसी जिले में प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों को एमडीएम में सप्ताह में एक दिन मशरूम की सब्जी खाने को मिलेगी। मशरूम की सब्जी खाने से जहां बच्चों का बौद्धिक विकास होगा वहीं मशरूम उत्पादन करने वाले किसान

वाराणसी जिले में प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन योजना के अंतर्गत बच्चों को मशरूम की सब्जी भी खाने को मिलेगी। मशरूम की आपूर्ति हेतु टेक्निकल सपोर्ट यूनिट कृषि विभाग उत्तर प्रदेश के समर्थन द्वारा बेसिक शिक्षा विभाग एवं कृषक उत्पादक संगठन और औद्यानिक विपणन सहकारी समिति लिमिटेड के बीच मंगलवार को एक एमओयू हस्ताक्षरित किया गया। मशरूम की सब्जी खाने से जहां बच्चों को प्रचुर मात्रा में पौष्टिक तत्व मिलेंगे वहीं किसानों की कमाई भी बढ़ेगी।

सप्ताह में एक दिन मिलेगी मशरूम की सब्जी
जारी सूचना में बताया गया कि बेसिक शिक्षा विभाग के प्राइमरी एवं अपर प्राइमरी विद्यालय के बच्चों को सप्ताह में एक दिन मशरूम की सब्जी उपलब्ध कराई जाएगी। यह भी बताया गया कि मशरूम हमें पौष्टिक तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, ऐसे में मशरूम की सब्जी खाने से बच्चों का बौद्धिक विकास होगा और बच्चे कुपोषण से भी दूर होंगे। यह भी कहा गया कि इस योजना के प्रथम चरण की शुरुआत के लिए काशी विद्यापीठ ब्लाक का चयन किया गया है। काशी विद्यापीठ ब्लाक को ‘मशरूम ब्लॉक' के रूप में विकसित किये जाने की भी योजना है। काशी विद्यापीठ ब्लॉक में यह योजना सफल हो जाने के बाद अन्य विकासखंडों में भी मशरूम की आपूर्ति पर विचार किया जाएगा।

किसानों की आय में होगी बढ़ोतरी
मशरूम की सब्जी खाने से सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को जहां लाभ मिलेगा वहीं किसानों की आय भी दोगुनी होगी। बताया गया कि जिले में किसानों द्वारा उत्पादित किए जाने वाले मशरूम की आपूर्ति एफपीओ के माध्यम से विद्यालयों में कराई जाएगी। इसके साथ ही एफपीओ द्वारा मशरूम का मूल्य संवर्धन करते हुए सदस्यों को बेहतर मार्केट दिलाने में प्रमुख भूमिका निभाई जाएगी। मशरूम की खेती करने के चलते किसान पारंपरिक खेती के अलावा आय के अन्य स्रोतों का सृजन भी कर पाएंगे। किसानो की आजीविका संवर्धन हेतु अभिनव पहल मुख्य विकास अधिकारी हिमाँशु नागपाल के दिशानिर्देश में की गयी।

काशी विद्यापीठ के 8 हजार से अधिक बच्चे होंगे लाभान्वित
अधिकारियों द्वारा बताया गया कि यह योजना काशी विद्यापीठ ब्लाक से शुरू की जा रही है। प्रथम चरण में इस योजना का प्रारंभ वाराणसी जिले के काशी विद्यापीठ ब्लाक के 25 विद्यालयों में प्रारंभ कराई जाएगी जिसमें 8000 बच्चों को सप्ताह में एक दिन मशरूम की सब्जी खाने को मिलेगी। इस योजना की शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट के रूप में की जाएगी। यह भी बताया गया कि काशी विद्यापीठ में यह योजना सफल हो जाने के बाद अन्य विकास खंडों में भी मशरूम की आपूर्ति करने पर विचार किया जाएगा। इस योजना के शुरू किए जाने को लेकर बेसिक शिक्षा अधिकारी वाराणसी अमित पाठक द्वारा बताया गया कि इस पहल से विद्यालय के बच्चों को अतिरिक्त लाभ मिलने की उम्मीद की जाती है। योजना के सकारात्मक परिणाम मिलने के उपरांत इसे उदाहरण के रूप में प्रस्तुत करते हुए जिले के अन्य ब्लाकाें में भी संचालित करने पर विचार किया जाएगा।
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