केस से नाम हटाने के लिए दरोगा ने मांगी एक लाख की रिश्वत, नोटों की गड्डी पकड़ते ही हुआ गिरफ्तार
वाराणसी में मुकदमे में से नाम हटाने के नाम पर दरोगा द्वारा एक की रिश्वत मांगी गई। दस हजार देने के बाद दरोगा नहीं माना तो पीड़ित ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन से कर दी और दरोगा रंगे हाथ पकड़ा गया।

वाराणसी जिले के जंसा थाने पर तैनात एक दरोगा को गुरुवार को एंटी करप्शन की टीम ने एक लाख रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। दरोगा को हिरासत में लेने के बाद एंटी करप्शन टीम द्वारा उससे पूछताछ और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
वहीं दरोगा द्वारा रिश्वत मांगे जाने और फिर रिश्वत लेते समय पकड़े जाने की सूचना जैसे ही थाने पर पहुंची थाने पर तैनात पुलिस कर्मियों में हड़कंप मच गया। इस घटना के बाद लोगों में तरह-तरह की चर्चा चल रही है।
दरअसल, वाराणसी जिले के जंसा थाने के बेरुका गांव में पानी बहाने के विवाद को लेकर दो पक्षों में एक सप्ताह पहले मारपीट हो गई थी। मारपीट के बाद आसपास के लोगों ने दोनों पक्षों को समझाया उसके बाद मामला शांत हुआ। हालांकि इस मामले में पुलिस से भी शिकायत की गई थी।
रिपोर्ट की माने तो उस मामले में बेरुका गांव के रहने वाले सैफ नामक युवक ने अपने ही पड़ोस के रहने वाले चार लोगों के खिलाफ नामजद और एक अज्ञात के खिलाफ घर में घुसकर मारपीट करने और धमकाने आदि के आरोपों में जंसा थाने में मुकदमा दर्ज कराया था।
इसी मामले में गांव के रहने वाले अमजद नामक युवक के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले की विवेचना जंसा थाने के कस्बा चौकी पर तैनात दरोगा अभिषेक वर्मा द्वारा की जा रही थी। अभिषेक वर्मा द्वारा अमजद का नाम निकालने के लिए रिश्वत मांगी गई।
अमजद का आरोप है कि दरोगा अभिषेक वर्मा द्वारा एक लाख रुपए की मांग की गई थी। दरोगा ने दस हजार रुपए ले लिए थे, उसके बाद बचे हुए रुपए के लिए दरोगा बार-बार अमजद को फोन कर रुपए पहुंचाने का दबाव बनाने लगा।
दरोगा द्वारा बार-बार दबाव बनाए जाने के बाद परेशान होकर अमजद इसकी शिकायत एंटी करप्शन टीम से कर दी। एंटी करप्शन की टीम से शिकायत करने के बाद टीम द्वारा बताए गए निर्देशों का पालन करते हुए अमजद दरोगा से बात किया।
उसके बाद गुरुवार को दरोगा ने अमजद को फोन किया और रुपए लेकर उसे जंसा थाने के कुंडरियां तिराहे पर बुलाया। अमजद ने इसकी सूचना तुरंत एंटी करप्शन टीम को दी। एंटी करप्शन टीम ने केमिकल लगे हुए नोट अमजद को देखकर दरोगा को देने के लिए भेज दिया।
बताया जा रहा है कि अमजद जब दरोगा को रुपए दिया उस दौरान कुडरियां तिराहे पर एंटी करप्शन टीम भी अगल-बगल फैल गई थी। उसके बाद जैसे ही अमजद ने दरोगा को रुपए थमाए उसी समय टीम वहां पहुंची और दरोगा को रंगे हाथ गिरफ्तार कर ली।
पकड़े गए दरोगा से पूछताछ करने के बाद एंटी करप्शन की टीम उसे लेकर रोहनिया थाने पहुंची रोहनिया थाने में भी उसे पूछताछ किया गया। बताया जा रहा है कि रोहनिया थाने में उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के बाद अदालत में पेश किया जाएगा।












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