UP News: हापुड और गाजियाबाद की घटना को लेकर वाराणसी में अधिवक्ताओं ने किया प्रदर्शन, फूंका पुतला
हापुड़ जनपद में अधिवक्ताओं पर पुलिस द्वारा बर्बरता पूर्वक लाठीचार्ज किए जाने तथा गाजियाबाद में चेंबर में अधिवक्ता की गोली मारकर हत्या कर देने के मामले से नाराज वाराणसी के अधिवक्ताओं ने मंगलवार को विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान अधिवक्ताओं द्वारा जमकर नारेबाजी भी की गई तथा यूपी के मुख्य सचिव और डीजीपी का प्रतीकात्मक पुतला भी फूंका गया।
नारेबाजी करने के साथ ही अधिवक्ताओं द्वारा दोषियों के ऊपर कार्रवाई करने की मांग की गई। इसके अलावा यह भी कहा गया कि अधिवक्ताओं को सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए, जिससे इस तरह की घटनाएं भविष्य में कभी ना हो सकें। मंगलवार को भी वाराणसी जिले के अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे।

दरअसल, हापुड़ में हुए अधिवक्ताओं पर लाठीचार्ज और गाजियाबाद में अधिवक्ता की हत्या के मामले को लेकर उत्तर प्रदेश बार काउंसिल द्वारा तीन दिवसीय प्रदेश व्यापी हड़ताल का ऐलान किया गया था। एलान किए जाने के बाद यूपी बार काउंसलिंग के आवाहन पर वाराणसी के अधिवक्ता भी न्यायिक कार्य से विरत होने के साथ ही प्रदर्शन कर रहे हैं।
मंगलवार को वाराणसी कचहरी परिसर में एक जुलूस निकाला गया। इस दौरान जुलूस में अधिवक्ताओं ने मुख्य सचिव और डीजीपी का पुतला बनाया था और उसे शव यात्रा का रूप दिया। कचहरी परिसर में भ्रमण करने के बाद अधिवक्ता डीएम कार्यालय के गेट पर पहुंचे और वहां नारेबाजी करते हुए पुतले को आग के हवाले कर दिए।
आग के हवाले करने के साथ ही अधिवक्ताओं द्वारा वहां पर जमकर नारेबाजी भी की गई। अधिवक्ताओं द्वारा कहा गया कि हापुड़ की घटना में शामिल दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ पुलिस प्रशासन द्वारा कार्यवाही की जानी चाहिए। यदि कार्यवाही नहीं की जाती है तो न्यायिक कार्य से विरत रहते हुए अधिवक्ता आंदोलन करते रहेंगे।
इस दौरान सेंट्रल बार के अध्यक्ष प्रभु नारायण पांडेय ने हापुर में अधिवक्ताओं के ऊपर लाठीचार्ज के मामले को निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि घटना की जितनी निंदा की जाए वह कम है। अधिवक्ताओं पर लाठी चलाने वाले दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ अधिकारियों द्वारा तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए। यदि कार्यवाही नहीं की जाती है तो पूरे प्रदेश में रक्त आंदोलन करेंगे। और अधिवक्ताओं ने लखनऊ और दिल्ली की तरफ रुख किया तो सरकार हिल जाएगी। ऐसे में समय राधे कार्रवाई की जानी चाहिए।
इसके अलावा यूपी बार काउंसिल, सेंट्रल बार एसोसिएशन और बनारस बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों और सदस्यों द्वारा भी घटना को निंदनीय बताते हुए इस पर कार्रवाई करने की मांग की गई। बनारस बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रामप्रवेश सिंह द्वारा कहा गया कि यूपी बार काउंसिल द्वारा आगे जो निर्णय लिया जाएगा उसके अनुसार ही वाराणसी में भी रणनीति बनाकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। वही अधिवक्ताओं के प्रदर्शन को देखते हुए कचहरी परिसर में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात की गई थी।












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