उत्तराखंड में कौन होगा अगला सीएम? BJP ने बनाए 3 फॉर्मूले, जानिए किसकी लग सकती है लॉटरी
उत्तराखंड में कौन होगा अगला सीएम
देहरादून, 17 मार्च। उत्तराखंड का अगला सीएम कौन होगा। इसको लेकर सभी के मन में कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। 47 सीटें जीतकर भी भाजपा अब तक मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर असमंजस में दिख रही है। देहरादून से लेकर दिल्ली तक भाजपा के नेताओं की दौड़ को लेकर भी सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। इस बीच भाजपा हाईकमान के तीन फॉर्मूलों को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा है।

फॉर्मूला-1, यूपी, गोवा, मणिपुर की तरह उत्तराखंड में सीएम रिपीट
5 राज्यों में हुए चुनाव में भाजपा की 4 राज्यों में सरकार रिपीट हुई है। यूपी, गोवा, मणिपुर और उत्तराखंड। यूपी, गोवा, मणिपुर में सीएम फेस रिपीट हो रहे हैं। सिर्फ उत्तराखंड में अब तक सीएम का फेस साफ नहीं किया गया है। इसका कारण है धामी का चुनाव हारना। लेकिन चुनाव जीतने के बाद आधा दर्जन से अधिक विधायक धामी के पक्ष में आ चुके हैं। ऐसे में धामी को दोबारा सीएम बनाए जाने की संभावनाएं प्रबल नजर आ रही है। हालांकि अगर धामी को रिपीट किया जाता है। तो दूसरे राज्यों में हारे हुए बड़े चेहरों को भाजपा को रिपीट करने का प्रेशर भी झेलना पड़ेगा। ऐसे में हाईकमान अब तक किसी निर्णय पर नहीं आ पाई है।

फॉर्मूला 2- हिमाचल की तरह उत्तराखंड में नया चेहरा
पुष्कर सिंह धामी को दोबारा कमान सौंपने के बाद भाजपा में फिर से कई तरह के सवाल उठने तय हैं। कि क्या हार के बाद भी जिस चेहरे को लेकर चुनाव में गए थे, उसे सीएम बनाना चाहिए। दावा किया जा रहा है कि जब टीम मैच जीतती है तो कप्तान को ही ट्रॉफी सौंपी जाती है। चाहे कप्तान अच्छा खेल पाए या नहीं। लेकिन भाजपा के अंदरखाने इस बात की भी चर्चा है कि हिमाचल में पार्टी ने प्रेम कुमार धूमल के चेहरे पर चुनाव लड़ा लेकिन धूमल चुनाव हारे तो उनके स्थान पर जयराम ठाकुर को पार्टी ने मुख्यमंत्री बना दिया। ऐसे में उत्तराखंड में किसी दूसरे चेहरे विधायकों में से ही किसी की लॉटरी लग सकती है। इसके साथ ही यूपी में कैशव प्रसाद मौर्य के चुनाव हारने के बाद भी उन्हें डिप्टी सीएम बनाने का असर भी उत्तराखंड में पड़ेगा।

फॉर्मूला 3-बंशीधर भगत को दिल्ली बुलाकर बड़ा ऑफर
भाजपा में सीएम पद की रेस में अनिल बलूनी और अजय भट्ट का भी लिया जा रहा है। इस फॉर्मूले पर ज्यादा जोर तब नजर आया जब भाजपा के सबसे सीनियर विधायक बंशीधर भगत को अचानक दिल्ली से बुलावा आया है। बंशीधर भगत को दिल्ली बुलाने के पीछे उन्हें केन्द्र की राजनीति में बुलाने के संकेत मिल रहे हैं। इसके लिए उन्हें लोकसभा या राज्यसभा का विकल्प दिया जा रहा है। ऐसे में कुमाऊं से अजय भट्ट की जगह बंशीधर भगत को लोकसभा भेजने या फिर राज्य सभा का विकल्प दिया जा सकता है। हालांकि भगत की जगह धामी को विधानसभा चुनाव के लिए कालाढूंगी से भी उतारने की भाजपा रणनीति तैयार कर सकती है। ऐसे में भगत को दिल्ली बुलाने के पीछे ही सारी रणनीति अब तैयार की जा रही है। 72 वर्षीय बंशीधर को भाजपा उत्तराखंड की कमान सौंपें ऐसा लगता नहीं है।












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