हरिद्वार जिले में मतदान 70 परसेंट पार, नए सियासी समीकरण तय कर सकते हैं किसके लिए खुलेगा सत्ता का द्वार
हरिद्वार जिले में सर्वाधिक 70 परसेंट मतदान
देहरादून, 15 फरवरी। हरिद्वार जिले में 11 सीटें हैं और यहां 11 सीटों पर हुए मतदान ने सियासी दलों को नई टेंशन में डाल दिया है। हरिद्वार जिले में रिकॉर्ड 70 परसेंट से ज्यादा मतदान हुआ है। बता दें कि इन सीटों में से हरिद्वार और हरिद्वार ग्रामीण सीट सबसे वीआईपी सीट मानी जा रही है। हरिद्वार से भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक और हरिद्वार ग्रामीण से पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की बेटी अनुपमा रावत चुनाव मैदान में हैं। इससे इन दोनों सीटों पर सबकी नजर है। हरिद्वार सीट पर 60 से कम प्रतिशत हुआ है। जबकि हरिद्वार ग्रामीण सीट पर 72 परसेंट से ज्यादा मतदान हुआ है। हर सियासी दल इसे अपने-अपने पक्ष में बता रहे हैं। लेकिन ये बात तय है कि अधिक वोट पड़ने से सबसे ज्यादा सत्ताधारी पार्टी यानि भाजपा की ज्यादा नींद उड़ी हुई है।

वोट पड़ते ही विवाद भी शुरू
इधर भाजपा के एक विधायक ने चुनाव खत्म होते ही अपने प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक पर भी हराने का गंभीर आरोप लगाकर मामला गर्मा दिया है। यह लक्सर सीट भी हरिद्वार पर ही आती है। हरिद्वार शुरूआत से ही भाजपा, कांग्रेस, आप, बसपा समेत सभी दलों के लिए सियासत का केन्द्र रहा है। भाजपा के विजय संकल्प रथ की शुरूआत से लेकर कांग्रेस के स्टार प्रचारकों का भी हरिद्वार में ही फोकस रहा है। आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल भी 3 दिनों तक चुनाव के अंतिम दिनों में हरिद्वार में ही रहे। बहुजन समाज पार्टी को भी हरिद्वार में 3 से ज्यादा सीटों पर मजबूत दावा माना जा रहा है। ऐसे में ये तय है कि इस बार उत्तराखंड में सत्ता की चाबी का द्वार हरिद्वार से ही खुल सकता है। जिसके गुणाभाग में अभी से सियासी दल जुटे हुए हैं।

8 सीटों पर भाजपा, 3 पर कांग्रेस का कब्जा
2017 में हरिद्वार जिले की 11 में से 8 सीटों पर भाजपा ने बाजी मारी थी, जबकि 3 सीटें कांग्रेस के खाते में आई। टिकट बंटवारे में भी भाजपा ने हरिद्वार जिले में नया प्रयोग किया। मौजूदा 8 सीटों पर भाजपा के सीटिंग विधायकों में 6 विधायक फिर से चुनाव मैदान में हैं। भाजपा ने झबरेड़ा से देशराज कर्णवाल का टिकट काटकर कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए राजपाल को मैदान में उतारा है। जबकि खानपुर से कुुंवर प्रणव सिंह चैंपियन का टिकट काटकर उनकी पत्नी रानी देवयानी को मैदान में उतारा है। कांग्रेस से पिरान कलियर, भगवानपुर और मंगलौर से मौजूदा तीनों विधायकों को चुनाव मैदान में उतारा है। बाकी आठ सीटों पर कांग्रेस ने नए चेहरों पर दांव खेला है।

भाजपा, कांग्रेस और तीसरा फैक्टर भी
इस बार जिस तरह का माहौल हरिद्वार जिले में नजर आया और यहां तीसरा फैक्टर भी चला, इससे साफ है कि हरिद्वार जिले के परिणाम सियासी दलों को चौंका सकते हैं। हरिद्वार की 11 में से 8 सीटों पर भाजपा, कांग्रेस में सीधा मुकाबला माना जा रहा है, जबकि 3 सीटों पर बसपा भी त्रिकोणीय मुकाबले में है। इसके अलावा आप और अन्य दल भी वोटबैंक प्रभावित कर रहे हैं। जिसका असर रिजल्ट में भी देखने को मिल सकता है। जिले में मुस्लिम, हिंदू ओबीसी और दलित वोटर बड़े फैक्टर हैं। फिलहाल वोटर मतदान से पहले खामोश नजर आए। लेकिन वोट की चोट किसको की गई है, इसका भी सबको इंतजार रहेगा।
किस विधानसभा में कितना वोट
- भेल रानीपुर 65.77
- भगवानपुर 80.23
- हरिद्वार 59.76
- हरिद्वार ग्रामीण-72.25
- झबरेड़ा-69.00
- ज्वालापुर-73.63
- खानपुर-73.32
- लक्सर-65.67
- मंगलौर- 64.70
- पिरानकलियर-69.37
- रुड़की-59.48












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