Dehradun: भारत-पाक युद्ध का हीरो रहा विजयंत टैंक अब देहरादून के युद्ध स्मारक शौर्य स्थल की बढ़ाएगा शान
पूर्व राज्य सभा सदस्य तरुण विजय ने बताया कि 14 जनवरी को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इस टैंक का विधिवत उद्घाटन करेंगे। 1971 में भारत-पाक युद्ध का हीरो रहा विजयंत टैंक अब देहरादून स्थित शौर्य स्थल की शान बढ़ाएगा।

1971 में भारत-पाक युद्ध का हीरो रहा विजयंत टैंक अब देहरादून स्थित शौर्य स्थल की शान बढ़ाएगा। गढ़ी कैंट के चीड़बाग में युद्ध स्मारक (शौर्य स्थल) है। शौर्य स्थल पर लड़ाकू विमान मिग-21 व नौसेना के युद्धपोत (विद्युत वर्ग) की प्रतिकृति पहले ही स्थापित है। पूर्व राज्य सभा सदस्य तरुण विजय की पहल पर युद्ध स्मारक की नींव रखी गई थी। उन्होंने अपनी निधि से इस काम के लिए दो करोड़ रुपये की मदद दी थी।
भारत-पाक युद्ध में सक्रिय भूमिका निभाने वाला विजयंत टैंक
तरुण विजय की अध्यक्षता में गठित उत्तराखंड वार मेमोरियल ट्रस्ट के माध्यम से भी तमाम सुविधाएं यहां जुटाई गईं। वीरभूमि उत्तराखंड के सैनिकों के नाम यहां दर्ज हैं साथ ही बदरीनाथ क्षेत्र से छह फीट की करीब साढ़े नौ टन वजनी विशेष आधार शिला भी लाई गई। अब चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान और देहरादून जीओसी मेजर जनरल संजीव खत्री के विशेष प्रयास से भारत-पाक युद्ध में सक्रिय भूमिका निभाने वाला विजयंत टैंक यहां लाया गया है। पूर्व राज्य सभा सदस्य तरुण विजय ने बताया कि पूर्व सैनिक काफी समय से इसकी मांग कर रहे थे। सीडीएस से इस संबंध अनुरोध किया गया और उन्होंने तुरंत ही इस पर सहमति दे दी।
Recommended Video
भव्य प्रवेश द्वार का भी निर्माण किया जाएगा
पूर्व राज्य सभा सदस्य तरुण विजय ने बताया कि टिहरी सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह ने भी अपनी सांसद निधि से 50 लाख रुपये की मदद दी है। इस रकम को युद्ध स्मारक पर अन्य संसाधन जुटाने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। वहीं, एक भव्य प्रवेश द्वार का भी निर्माण यहां किया जाएगा। पूर्व राज्य सभा सदस्य तरुण विजय ने बताया कि 14 जनवरी को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इस टैंक का विधिवत उद्घाटन करेंगे। इस मौके पर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान भी मौजूद रहेंगे। वहीं कार्यक्रम में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और देहरादून निवासी अंडमान निकोबार के उप राज्यपाल एडमिरल देवेंद्र कुमार जोशी को भी आमंत्रित किया है। उन्होंने बताया कि इस शौर्य स्थल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आध्यात्मिक गुरु स्वामी नारायण संप्रदाय के प्रमुख स्वामी जी और उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ, उड़ीसा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक समेत हजारों सैनिक परिवारों ने सहयोग दिया।
विजयंत टैंक, भारत-पाक युद्ध का हीरो
530 किमी थी इस टैंक की ऑपरेशनल रेंज विजयंत टैंक 1971 में भारत-पाक युद्ध का हीरो रहा। 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाले इस टैंक की ऑपरेशनल रेंज 530 किलोमीटर थी। इसमें चार क्रू-मेंबर बैठते थे। इसका वजन 39 हजार टन, लंबाई 9.788 मीटर, चौड़ाई 3.168 मीटर और ऊंचाई 2.711 मीटर है। विजयंत टैंक अब सेवा में नहीं है लेकिन यह देश के युवाओं को आज भी प्रेरित कर रहा है।
देहरादून में भव्य शौर्य स्थल
देहरादून में भव्य शौर्य स्थल है। इस शौर्य स्थल को अत्याधुनिक बनाया गया है। जिसमें हमारे वीर जवानों की वीरता की झलक दिखती है। सेना के शहीदों के लिए पहला स्टेट वॉर मेमोरियल डिजाइन दून के ही आर्क्टिेक्ट ने तैयार किया है। चारों ओर से कई मीटर ऊंचे चीड़ के पेड़ों के बीच शहीद सैनिकों की शहादत को दर्शता एक स्मारक जिसमें तीनों सेनाओं के झंड़े के साथ कई फीट ऊंचा तिरंगा फहरा रहा है।












Click it and Unblock the Notifications