Uttarakhand:अंत्येष्टि के तीन दिन बाद आया वीडियो कॉल, जिसे समझा मृत वह निकला जीवित,जानिए हैरान करने वाली घटना
Uttarakhand उत्तराखंड के उधमसिंह नगर का एक मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। एक व्यक्ति को मृत मानकर कुछ दिन पहले अंतिम संस्कार किया गया। लेकिन जिसे समझकर परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार किया, वो तीन दिन बाद जीवित पाया गया। ऐसे में मामला उलझ गया है। साथ ही इसकी भी जांच की जा रही है कि जिस शव का अंतिम संस्कार किया गया। वह कौन था।

उधमसिंह नगर के खटीमा में 23 नवंबर को रुद्रपुर से रेफर किए गए युवक की सुशीला तिवारी हल्द्वानी अस्पताल में मौत हो गई। मृतक की जेब से श्रीपुर विचुवा के नवीन चंद्र की फोटो और कोरोना काल के समय का मेडिकल फॉर्म मिला। जो कि डेढ़ साल से लापता चल रहा था। जानकारी की तो परिजनों को सूचना दी गई। परिजनों ने नवीन समझकर 26 नवंबर को बनबसा घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया।
इसके बाद घरवालों ने पूरे रीति रिवाज से संस्कार तक पूरे कर लिए। बेटे को क्रियाक्रम में बैठाया गया। तीसरे दिन नवीन के भाई केडी भट्ट को एक परिचित युवक का फोन आता है, जो दुकान बंद होने का कारण पूछते हैं। जब केडी भट्ट ने कारण बताया तो परिचित ने बताया कि नवीन तो अभी दूसरी गली में जाता दिखाई दिया है। पहले तो परिजन इसे मजाक समझा लेकिन उस युवक ने कहा कि वास्तव में नवीन ही था।
परिजनों ने कहा कि वह उसको लाकर बात कराए। थोड़ी देर बाद ही उस युवक ने नवीन वीडियो कॉल कर बात कराई। थोड़ी देर किसी को विश्वास नहीं हुआ। भाई केडी भट्ट तत्काल रुद्रपुर के लिए रवाना हो गया और नवीन को लेकर घर आ गया है। जिसके बाद से ये मामला हर जगह चर्चा का विषय बना हुआ है।
परिजनों ने पुलिस को इसकी सूचना दे दी है। बताया जा रहा है कि श्रीपुर विचुवा निवासी धर्मानंद भट्ट का 42 वर्षीय पुत्र नवीन नशे की लत के चलते लंबे समय से परिवार और बच्चों से दूर रहता था। युवक रुद्रपुर में किसी होटल में काम कर रहा था।












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