उत्तरकाशी के किसान दंपत्ति बने स्वरोजगार की मिसाल, 2500 किसानों को जोड़कर स्थानीय उत्पादों को दिला रहे पहचान
उत्तरकाशी नौगांव के किसान दंपत्ति, स्वरोजगार की मिसाल
उत्तरकाशी के नौगांव क्षेत्र के एक किसान दंपत्ति ने मिसाल पेश की है। खेती कर स्वरोजगार के जरिए आज किसान दंपत्ति उत्तरकाशी ही नहीं उत्तराखंड के लिए उदाहरण बन गए हैं। जिन्होंने 22 से 23 सालों में लाखों का रोजगार का साधन खड़ा कर दिया है। जिसमें पहाड़ी उत्पादों के जरिए ये दंपत्ति अपने साथ-साथ अपने क्षेत्र के 2500 से ज्यादा किसानों को फायदा पहुंचा रहे हैं।

पहाड़ी उत्पादों के जरिए रोजगार का कारोबार खड़ा कर दिया
उत्तरकाशी के नौगांव के रहने वाले नरेश नौटियाल और उनकी पत्नी लता नौटियाल ने उत्तराखंड में पहाड़ी उत्पादों के जरिए आज रोजगार का ऐसा कारोबार खड़ा कर दिया है। जिसके जरिए वे खुद के साथ ही स्थानीय किसानों को आगे बढ़ाने में जुटे हैं। पत्नी लता खेत से लेकर महिलाओं को जागरूक करने में लगी हैं तो पति 50 से ज्यादा स्थानीय उत्पादों को गांवों से लेकर बाजार में बेचकर एक नई पहचान बना चुके हैं।

13 सालों में स्थानीय उत्पादों का हर साल 20 से 30 लाख का कारोबार
नरेश नौटियाल ने 13 सालों में ही स्थानीय उत्पादों का हर साल 20 से 30 लाख का कारोबार कर रहे हैं। जिसके लिए दोनों पति-पत्नी को कई मंचों में सम्मानित भी किया जा चुका है। नरेश नौटियाल ने बताया कि ग्रेजुएशन करने के बाद उन्होंने एक एनजीओ के साथ जुड़कर काम शुरू किया। लेकिन 2009 में उन्होंने अपना काम शुरू किया। जिसमें उनकी पत्नी ने भी हाथ बटाया।

80 से ज्यादा पहाडी उत्पादो को बेचने का काम कर रही हैं
लता नौटियाल रूद्रा एग्रो स्वायत सहकारिता समूह की प्रबंधक नाबार्ड द्वारा बनाये रुद्रेशवर स्वय सहायता समूह नौगाँव की अध्यक्ष व विकास स्वय सहायता समूह गगटाडी ब्लॉक नौगाँव की सदस्य हैं। जो कि रूद्रा एग्रो स्वायत सहकारिता समूह के माध्यम से 2500 से ज्यादा किसानों व विभिन्न स्वय सहायता समूह की महिलाओं को कृषि स्वरोजगार से जोडने का कार्य कर रही हैं। लता ने पिछले 13 सालों से ग्रामीणो के बीच काम कर देश के विभिन्न शहरों में प्रदशर्नी के माध्यम से 80 से ज्यादा पहाडी दालो , मसाले, हाथ से बनी बडियां सिलबट्टे का पीसा नमक आदि उत्पादो को बेचने का काम कर रही हैं।

तीलू रौतेली पुरस्कार और नारी शक्ति सम्मान व स्वर्ण पदक से नवाजा गया
इसके साथ नौगाँव मे होटल ज्वालाजी मे संचालित कौशल विकास ( स्क्रील इन्डिया ) भारत सरकार के द्वारा स्वयं सहायता से जुडी 60 ग्रामीण महिलाओं से निशुल्क होटल मैनेजमेन्ट का कोर्स भी करवाया गया। वे लगातार महिलाओं की आजीविका सुधार के लिए नयी तकनीकी का ज्ञान देकर अवेयर भी कर रही हैं। जिससे विभिन्न महिलाएं नगदी फसलों को उगा रही है ओर अपनी आर्थिक स्थिति को सुधार रही है। लता को महिला स्वरोजगार व सामाजिक कार्यों के लिए उतराखड राज्य का सबसे बडा पुरस्कार तीलू रौतेली पुरस्कार और अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर दिल्ली मे नारी शक्ति सम्मान व स्वर्ण पदक से नवाजा गया।

स्थानीय लोगों को स्वरोजगार में भी सहयोग मिल रहा
नरेश व लता किसानों द्वारा कृषि क्षेत्र मे उगायी जाने वाली फसलो हर्षिल की राजमा , लाल चावल , मडुवा , झगोरा , चौलाई , गहथ , तोर , उडद , सोयाबीन , मसाले , हाथ से बनी उडद बडी व नाल बडी , सिलबट्टे से तैयार नमक आदि उत्पादो को एकत्रित करके व उनको समूह की महिलाओं द्वार ग्रेडिंग व पैकेजिंग कर के विभिन्न मेलो मे स्टाल के माध्यम से ब्रिक्री करने का काम कर रही हैं। जिससे स्थानीय लोगों को स्वरोजगार की और तेजी से कदम बढ़ाने में भी सहयोग मिल रहा है।












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