Uttarkashi news:21 साल बाद डरा रहा वरुणावत पर्वत,बोल्डर गिरने और भूस्खलन से खतरा,रात भर रहा अफरा तफरी का माहौल
उत्तराखंड में बारिश एक बार फिर खतरा बनकर सामने आई है। 21 साल बाद उत्तरकाशी के वरुणावत पर्वत से बोल्डर गिरने और भूस्खलन से शहर पर खतरा मंडरा रहा है।
मंगलवार रात वरुणावत पर्वत से अचानक आवासीय क्षेत्रों के आसपास बोल्डर गिरे तो लोगों में अफरा-तफरी मच गई।

उत्तरकाशी में मंगलवार को कई घंटों तक तेज बारिश हुई। जिससे गोफियारा से लेकर ज्ञानसू तक गाढ़ गदेरे उफान पर आ गए। अत्यधिक वर्षा के बाद रात करीब पौने दो बजे वरुणावत की तलहटी गोफियारा जल संस्थान कालोनी व स्टोर के निकट के पहाड़ी से भूस्खलन होने से काफी मात्रा में पत्थर व मलबा गिरा है। गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग व गोफियारा कालोनी में सड़कों पर खड़े स्थानीय लोगों के कई वाहन मलबे में दब गए हैं। फिलहाल जनहानि की सूचना नहीं है।
एसडीआएफ व प्रशासन की टीम ने गोफियारा क्षेत्र में रेस्क्यू अभियान चलाया। रात में ही भटवाड़ी रोड व गोफियारा जलसंस्थान कालोनी के निकट रहने वाले एक दर्जन से अधिक परिवारों को काली कमली धर्मशाला में शिफ्ट किया गया है। हालांकि किसी तरह की जनहानि नहीं हुई है।
मूसलाधार बारिश से शहर के गोफियारा से लेकर पल्ला ज्ञानसू तक कई गाड़-गदेरे उफान पर आ गए। गोफियारा क्षेत्र में गदेरे के उफान पर आने से मलबे में दबे वाहनों को लोगों ने जेसीबी बुलाकर निकाला। वहीं, भारी बारिश से पाडुली गदेरे, ज्ञानसू और मैणा गाड़ भी उफान पर है। बस अड्डे से लेकर ज्ञानसू तक जगह-जगह गंगोत्री हाईवे पर पानी भर गया। रात में बारिश कम होने पर लोगों ने राहत की सांस ली। लेकिन तभी वरुणावत पर्वत से बोल्डर गिरना शुरू हो गए।
भटवाड़ी रोड के साथ ये बोल्डर मस्जिद मोहल्ले क्षेत्र में गिर रहे हैं, इससे डरे-सहमे गोफियारा क्षेत्र के कई परिवार घरों से निकलकर जल निगम रोड पर आ गए और पत्थर गिरना बंद होने का इंतजार करते दिखाई दिए।
उत्तरकाशी शहर वरुणावत पर्वत की तलहटी में बसा हुआ है। यहां 2003 में भारी भूस्खलन से शहर को भारी नुकसान हुआ था। इस दौरान कई डेंजर जोन तैयार हुए।जिसमें कई बहुमंजिला मकान जमींदोज हो गए थे। बाद में केंद्र की मदद से वरुणावत का ट्रीटमेंट कराया गया। लेकिन अब एक बार फिर वरुणावत पर नया डेंजर जोन बन गया है।












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