Uttarakhand सिलक्यारा-बड़कोट सुरंग में श्रमिकों के फंसने के बाद से बंद पड़ा काम यहां हुआ शुरू, जानिए अपडेट
Uttarakhand उत्तराखंड के यमुनोत्री हाईवे पर बन रही सिलक्यारा-बड़कोट सुरंग का काम एक बार फिर शुरू हो गया है। 12 नवंबर को सुरंग में मलबा आने की वजह से सुरंग में 17 दिन तक 41 मजदूर फंसे रहे। जिस कारण सुरंग का काम रोका गया था। अब एक बार फिर सुरंग का काम शुरू हो गया है। हालांकि इस बार सुरंग का काम दूसरी छोर बड़कोट की तरफ से शुरू हुआ है।

इधर से 480 मीटर का काम बचा है। जिस तरह से हादसा हुआ उस सिलक्यारा छोर का काम विशेषज्ञ जांच समिति की रिपोर्ट के बाद ही ही शुरू हो पाएगा। 4.531 किमी लंबी सिलक्यारा-बड़कोट सुरंग का अब केवल 480 मीटर हिस्सा बचा हुआ है। इस हिस्से के निर्माण के लिए नवयुगा कंपनी ने बड़कोट सिरे से काम शुरू कर दिया है। जांच पूरी होने के बाद सिलक्यारा की ओर वाले सिरे से भी काम शुरू किया जाएगा।
चारधाम ऑलवेदर परियोजना के तहत यमुनोत्री मार्ग पर सिलक्यारा से बड़कोट के लिए सुरंग बनाई जा रही है, जो कि साढ़े चार किमी लंबी प्रस्तावित है। इस सुरंग के निर्माण में जुटे 41 मजदूर 12 नवंबर की सुबह मलबा गिरने की वजह से सुरंग में फंस गए थे। जिन्हें बचाने के लिए देश से लेकर विदेश तक की एक्सपर्ट एजेंसियों ने काम किया।
17 दिन बाद सुरंग से मजदूरों को सकुशल बाहर निकाल लिया गया। 28 नवंबर को रेस्क्यू अभियान सफल हुआ। अब 38 दिन बाद काम शुरू हुआ है। उधर मंत्रालय की ओर से गठित विशेषज्ञ जांच समिति ने सिलक्यारा हादसे की जांच शुरू कर दी है।
उत्तराखंड में यमुनोत्री हाइवे पर चार धाम प्रोजेक्ट के तहत ऑल वेदर रोड पर सिलक्यारा-डंडालगांव सुरंग निर्माणाधीन है।नवयुग कंपनी को सिलक्यारा-डंडालगांव सुरंग बनाने का काम इंजीनियरिंग प्रक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (ईपीसी) मोड में दिया था। सिलक्यारा-डंडालगांव सुरंग का काम साल 2018 में शुरू हुआ था। इसकी डेडलाइन पहले जुलाई 2022 रखी गई थी। दिसंबर 2023 तक भी सुरंग का काम पूरा नहीं हो पाया है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो सुरंग बनाने वाली नवयुग कंपनी का दावा है मई 2024 से पहले इसे पूरा कर लिया जाएगा।












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