Weather Alert: उत्तराखंड में अगले 4 दिन फिर भारी, सीएम का अधिकारियों को दो टूक, मोबाइल स्विच ऑफ का बहाना नहीं
उत्तराखंड में बारिश का क्रम जारी, 3 दिन का ऑरेंज अलर्ट
देहरादून, 20 जुलाई। उत्तराखंड में फिलहाल बारिश का क्रम जारी रहने वाला है। 24 जुलाई के बाद प्रदेश में बारिश में कमी आने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों में कहीं कहीं भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

3 दिन का ऑरेंज, 1 दिन का यलो अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार, शुक्रवार व शनिवार को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, नैनीताल व पिथौरागढ़ जिले में कहीं कहीं भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 24 को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़ में कहीं कहीं भारी बारिश की संभावना को देखते हुए यलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने राज्य में पिछले 24 घंटों में कुल 21.1 एमएम बारिश दर्ज की। जो सामान्य से 53 फीसदी अधिक है। देहरादून में बुधवार को सुबह अशिकांश हिस्सों में झमाझम बारिश हुई। मौसम विभाग ने 26 जुलाई दून में आंशिक रुप से बारिश की संभावना जताई है।
सीएम पहुंचे आपदा कंट्रोल रूम, दिए सख्त निर्देश
भारी बारिश के अलर्ट के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय स्थित आपदा कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया। इस दौरान सीएम ने स्थिति का जायजा लेते हुए कहा कि आपदा को लेकर की गयी तैयारियों का नियमित रूप से परीक्षण किया जाए। भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए लगातार अलर्ट रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि किसी भी अधिकारी का मोबाइल स्विच ऑफ न हो, इसमें कोई बहाना नहीं चलेगा। ड्यूटी में लापरवाही करने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी। जिलाधिकारी अपने जिलों की स्थिति के अनुसार स्कूलों में छुट्टी के संबंध में निर्णय लें। किसी तरह की असावधानी न बरती जाए। मुख्यमंत्री धामी ने खाद्यान्न, दवाइयों, ईंधन आदि आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई को एक बार फिर से चेक करने के निर्देश देते हुए कहा कि संचार नेटवर्क में कोई समस्या न आए इसके लिए मोबाइल ऑपरेटर कम्पनियों से लगातार समन्वय रखा जाए। मुख्यमंत्री ने ऐसा सिस्टम तैयार करने के निर्देश दिए जिससे राज्य मुख्यालय से प्रसारित सूचना गांव-गांव तक अविलंब पहुंच जाए। उन्होंने सभी विभागीय सचिव और विभागाध्यक्ष को आपदा की दृष्टि से अपने-अपने विभागों की नियमित रूप से मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपदा की स्थिति में प्रभावितों के रहने के लिये चिन्हित भवनों और स्थानों का सुरक्षा की दृष्टि से परीक्षण किया जाए। नए व युवा अधिकारियों की ड्यूटी लगाई जाए।












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