Rajaji National Park: कैमरे में कैद हुई बाघिन रानी, एक माह से नहीं मिल रहा था सुराग
एक माह के बाद राजाजी नेशनल पार्क की बाघिन रानी ट्रेस
Rajaji National Park करीब एक माह के बाद राजाजी नेशनल पार्क की बाघिन रानी को ट्रेस कर लिया गया है। रानी का पता चलने के बाद पार्क प्रशासन ने राहत की सांस ली है। वन विभाग में निदेशक का प्रभार देख रहे हैं राजीव धीमान ने इसकी पुष्टि की है। निदेशक ने बताया कि कल रात में बाघिन की फोटो कैमरे में कैप्चर हुई है। उन्होंने दावा किया कि बाघिन लापता नहीं हुई थी, जिस इलाके में बाघिन गई थी, वहां कैमरा न होने से मूवमेंट का पता नहीं चल पा रहा था। उन्होंने बताया कि बाघिन के फुटमार्क को वो लगातार फॉलो कर रहे थे, जिससे साफ संकेत था कि बाघिन कहीं आसपास के इलाके में है। फिलहाल पार्क प्रशासन ने राहत की सांस ली है।

करीब 20 अगस्त को आखिरी बार वन विभाग के कैमरे में ट्रेस
बता दें कि हाल ही में कॉर्बेट नेशनल पार्क सेे एक बाघिन को राजाजी में लाया गया था। जो कि पिछले लंबे समय से इस बाघिन को ट्रेस नहीं किया जा सका है और जिम्मेदार अधिकारियों को कई दिनों बाद जाकर इसकी जानकारी दी गई। मामले की जानकारी मिलते ही वन महकमें में हड़कंप मच गया। इस बीच ये बात भी सामने आई कि पिछले 6 महीने से बाघिन पर लगाया गया रेडियो कॉलर काम नहीं कर रहा है। जबकि करीब 20 अगस्त को आखिरी बार वन विभाग के कैमरे में ट्रेस होने के बाद से ही इस बाघिन का पता नहीं चल पा रहा है। हालांकि दावा किया गया कि इस बाघिन को एक बार बाघ के साथ देखा गया। लेकिन किसी भी कैमरे में बाघिन को कैद नहीं किया जा सका। मामला सामने आते ही महकमे ने टीमें गठित की लेकिन इस दौरान पार्क के निदेशक साकेत बडोला प्रशिक्षण के लिए विदेश दौरे पर चले गए हैं। बाघिन को ढूंढने के लिए एपीसीसीएफ रंजन मिश्रा को जिम्मेदारी दी गई। बाघिन को ढूंढने के लिए चार टीमें गठित की गई। इसमें हाथियों की 2 टीम भी लगाई गई। इस बीच दावा किया गया कि बाघिन के पैरों के निशान बेरीबाड़ा, रामगढ़ रेंज में लगातार मिल रहे थे। वन विभाग में निदेशक का प्रभार देख रहे हैं राजीव धीमान ने बताया कि कल बाघिन की फोटो कैप्चर हुई है। जिससे बाघिन का पता चल गया है।












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