Teachers Day:शिक्षक के विदा होने पर फूट-फूटकर रोने लगे बच्चे, जानिए क्यों खास थे राजेश थपलियाल

उत्तराखंड: शिक्षक के विदा होने पर भावुक हुए स्कूल के बच्चे

देहरादून, 5 अगस्त। आज शिक्षक दिवस है। कई ऐेसे शिक्षक हैं जो कि उत्कृष्ट होने के साथ ही बच्चों और स्कूल में अपनी ऐसी अमिट छाप छोड़ देते हैं कि उनके जाने पर हर कोई अपनी भावनाओं को नहीं रोक पाते हैं। ऐसे ही एक शिक्षक उत्तराखंड के चमोली के अति दुर्गम इलाके में तैनात राजेश थपलियाल हैं, जिनके स्कूल से प्रमोशन के कारण दूसरे स्कूल जाते समय पूरा स्कूल सड़क पर आकर फूट फूटकर रोने लगा। ये वीडियो सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है।

दूसरे स्कूल में जाने लगे शिक्षक, बच्चे भावुक होकर रोने लगे

दूसरे स्कूल में जाने लगे शिक्षक, बच्चे भावुक होकर रोने लगे

उत्तराखंड के अति दुर्गम इलाके में तैनात एक 50 वर्षीय शिक्षक अपने व्यवहार और अपने पढ़ाने के तरीके से स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों के बीच लोकप्रिय हो गए। शिक्षक छात्रों के साथ दोस्त की तरह व्यवहार करते आए, जिस वजह से उनसे बच्चों का भावनात्मक जुड़ाव हो गया। लेकिन जब शिक्षक का प्रमोशन हो गया और वे दूसरे स्कूल में जाने लगे तो सभी बच्चे इस तरह भावुक होकर रोने लगे, मानों शिक्षक के बिना उनका ज्ञान अधूरा है।

Recommended Video

    शिक्षक के विदा होने पर फूट-फूटकर रोने लगे स्कूल के बच्चे
    राजेश की कड़ी मेहनत से दो साल में प्राइवेट स्कूल बंद

    राजेश की कड़ी मेहनत से दो साल में प्राइवेट स्कूल बंद

    राजेश थपलियाल चमोली ज़िले के सलुड़ डुंग्रा के जूनियर हाई स्कूल में सहायक अध्यापक गणित विज्ञान के पद पर तैनात थे, जिनका प्रमोशन जोशीमठ विकासखड के थैंग गांव में हो गया। राजेश 2016 में सलुड़ डुंगा में नियुक्त हुए थे, उस समय स्कूल में 61 बच्चे पढ़ते थे, गांव में प्राइवेट स्कूल होने की वजह से बच्चे ज्यादा प्राइवेट स्कूल को पसंद करते थे। लेकिन राजेश की कड़ी मेहनत से दो साल में प्राइवेट स्कूल बंद हो गया और बच्चे सरकारी स्कूल में पढ़ने लगे। जूनियर हाईस्कूल में 90 से ज्यादा बच्चे हो गए। जो कि अपने शिक्षक को बहुत पंसद करते थे।

    स्कूल के बच्चों ने हर जगह अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया

    स्कूल के बच्चों ने हर जगह अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया

    गांव में किसी तरह का परिस्थिति हो या फिर किसी की कोई समस्या राजेश हमेशा आगे बढ़कर सबकी सहायता को आगे आते रहे। राजेश थपलियाल बताते हैं कि लॉकडाउन लगा तो सबको पढ़ाई की चिंता होने लगी तो उन्होंने घर-घर जाकर बच्चों को पढ़ाने का काम भी किया। इस दौरान उनकी कोशिश रही कि बीमारी से भी बचा जाए और बच्चों का सिलेबस भी पूरा हो। स्कूल की प्रतियोगिता से लेकर राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं इस स्कूल के बच्चों ने हर जगह अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। थपलियाल बताते हैं कि विगत 4 सालों में स्कूल के 10 से ज्यादा बच्चे राष्ट्रीय छात्रवृत्ति हासिल कर चुके हैं। ऐसे में बच्चों के सर्वांगीण विकास में उनका पूरा योगदान रहा।

    स्कूल से काफी लगाव था

    स्कूल से काफी लगाव था

    राजेश ने बताया कि स्कूल की बगिया से उन्हें बहुत लगाव रहा है। जिसे उन्होंने काफी मेहनत से तैयार किया, इसके साथ ही बच्चों को पढ़ाने के लिए स्कूल की बिल्डिंग पर कला और मानचित्र के जरिए उन्होंने खुद बनाया। उन्हें भी इस स्कूल से काफी लगाव हो गया था, लेकिन अब दूसरे स्कूल जाना पड़ रहा है। भारी मन से वे इस स्कूल से विदा ले रहे हैं। बच्चों का प्यार और स्नेह उन्हें मिला इससे वे गदगद हैं।

    विदा होने पर फूट-फूटकर रोने लगे बच्चे, वीडियो वायरल

    विदा होने पर फूट-फूटकर रोने लगे बच्चे, वीडियो वायरल

    राजेश थपलियाल ने बताया कि उन्होंने अपने प्रमोशन और स्कूल से जाने की बात इसी भावनात्मक वजह से बच्चों को नहीं बताई थी, जिस दिन वे स्कूल में अंतिम क्लास ले रहे थे, उन्होंने इस बीच बच्चों को ये बात बताई। जैसे ही वे पास के स्कूल में लोगों से मिलकर सड़क पर पहुंचे तो पूरा स्कूल और बच्चे सड़क पर पहुंचे हुए थे, जो कि उनके विदा होने पर फूट-फूटकर रोने लगे। इस वीडियो को सोशल मीडिया पर काफी पसंद और वायरल किया जा रहा है।

    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+