गर्मी की छुट्टी में उत्तराखंड के इन 5 लोकेशन में घूमने की करें प्लानिंग, कम बजट में होगा प्रकृति का दीदार
गर्मी में स्कूलों की छुट्टी शुरू होने वाली है। पहाड़ों में कम बजट में कोई पर्यटक स्थल तलाश रहे हैं तो कौसानी, चकराता, रानीखेत,हर्षिल, मुनस्यारी बेहतर विकल्प हो सकते हैं।

मैदानों में गर्मी से पारा 40 के पार पहुंच चुका है। जिससे भीषण गर्मी का प्रकोप नजर आ रहा है। गर्मी में स्कूलों की छुट्टी शुरू होने वाली है। जिसके बाद अधिकतर लोग गर्मियों में छुट्टी और सुकून की तलाश में पहाड़ों की तरफ रुख करते हैं। अगर पहाड़ों में कम बजट में कोई पर्यटक स्थल तलाश रहे हैं तो यहां आपको पूरी जानकारी मिलेगी।
कौसानी
कौसानी उत्तराखंड राज्य के बागेश्वर जिले में स्थित एक खूबसूरत नजारों से युक्त हिल स्टेशन है। अल्मोड़ा से यह हिल स्टेशन लगभग 51 किलोमीटर दूर है। कौसानी में हिमालय के बर्फ से ढके पहाड़, नंदा देवी और पंचुल चोटियां आदि रमणीक स्थल देखने को मिलते हैं। पहाड़ी ओक, देवदार और चीड़ के पेड़ों का जंगल भी प्रकृति की सुंदरता का एहसास कराता है। ट्रेकिंग करने वालों के लिए यहां कौसानी में कैलाश ट्रेक, बेस कौसानी ट्रेक और बागेश्वर-सुंदरधुंडा ट्रेक आदि रास्ते बने हुए हैं जहां आप अपने दोस्तों और परिवार के साथ ट्रेकिंग का आनंद ले सकते हैं।
चकराता
चकराता देहरादून के पास जंगलों , ट्रेक, गुफाओं और प्राचीन मंदिरों के लिए पर्यटकों के बीच बहुत ही प्रसिद्ध है। यहां प्राकृतिक झरने, टाइगर वाटर फॉल, प्राकृतिक शांत स्थल पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है।चकराता की सबसे ऊंची चोटी खारम्बा चोटी चारों तरफ से घने जगंलों से घिरी हुई है। चकराता से कुछ दूर कालसी एक बहुत प्राचीन और ऐतिहासिक स्थल है जहाँ आपको सम्राट अशोक से जुड़े शिलालेख देखने को मिलते हैं। जो कि चकराता से लगभग 43.7 किलोमीटर दूरी पर स्थित है।
रानीखेत
अल्मोड़ा जिले से 56 किलोमीटर दूर नेशनल हाईवे 109 पर स्थित एक हिल स्टेशन से है रानीखेत। रानीखेत में पर्यटन हेतु आपको गोल्फ कोर्स, सैंट ब्रिजेट चर्च, कुमाऊं रेजिमेंटल सेंटर, आशियाना पार्क, मनकामेश्वर मंदिर, रानी झील, बिनसर महादेव, भालूधाम, मजखाली, ताड़ीखेत, चौबटिया आदि स्थल देखने और घूमने को मिल जाते हैं। ये सभी पर्यटन स्थल सैलानियों के लिए हमेशा से आकर्षण का केंद्र रहते हैं।
हर्षिल
उत्तरकाशी से करीब 80 किमी दूर है हर्षिल। हर्षिल में भागीरथी का प्रवाह और आसपास सेब के सुंदर बगीचे पर्यटकों का काफी आकर्षित करते हैं। हर्षिल में अब रिवर राफ्टिंग भी शुरू हो गई है। इसके साथ ही यहां पर प्राकृतिक झरने और सुंदर पहाड़ियां परिवार के साथ सबसे अच्छा समय बिताने का सबसे बेहतर विकल्प है। गंगोत्री जाने वाले अधिकतर तीर्थ यात्री हर्षिल जरुर रुकते हैं। यहां से कुछ ही दूरी पर डोडीताल है इस ताल में रंगीन मछलियां ट्राडा भी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र हैं। इन ट्राडा मछलियों को विल्सन नामक एक अंग्रेज़ लाये थे। बगोरी, घराली, मुखबा, झाला और पुराली गांव इस क्षेत्र की समृद्ध संस्कृति और इतिहास को समेटे हैं। हर्षिल से सात किलोमीटर की दूरी पर सात तालों का दृश्य विस्मयकारी है। इन्हें साताल कहा जाता है।
मुनस्यारी
कुमाऊं मण्डल के पिथौरागढ़ में स्थित मुनस्यारी एक खूबसूरत पर्वतीय स्थल है। यह नेपाल और तिब्बत की सीमाओं के समीप है। मुनस्यारी चारो ओर से पर्वतो से घिरा हुआ है। मुनस्यारी के सामने विशाल हिमालय पर्वत श्रंखला का विश्व प्रसिद्ध पंचचूली पर्वत (हिमालय की पांच चोटियां) जिसे किवदंतियो के अनुसार पांडवों के स्वर्गारोहण का प्रतीक माना जाता है, बाई तरफ नन्दा देवी और त्रिशूल पर्वत, दाई तरफ डानाधार जो एक खूबसूरत पिकनिक स्पॉट भी है और पीछे की ओर खलिया टॉप है। काठगोदाम, हल्द्वानी रेलवे स्टेशन से मुनस्यारी की दूरी लगभग 295 किलोमीटर है और नैनीताल से 265 किलोमीटर है। मुनस्यारी में ठहरने के लिए काफी होटल, लॉज और गेस्ट हाउस है।
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