Uttarakhand News: Mc Donald’s, KFC की फ्रैन्चाईज़ी दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी, एसटीएफ ने बिहार गैंग दबोचा
ऑनलाईन फ्रॉड के जरिए प्रतिष्ठित कम्पनी की फ्रैन्चाईजी को बुक करने के एवज में लाखों रुपए ऐंठने वाले गैंग का एसटीएफ उत्तराखंड ने पर्दाफाश किया है। इस गैंग के सदस्य बिहार के रहने वाले हैं और छत्तीसगढ़ जेल में बंद रहे। एसटीएफ की टीम आरोपियों को देहरादून में कस्टडी रिमांड पर लेकर आई है।

Mc Donald's, KFC आदि रैस्टोरैन्ट की फ्रैन्चाईज़ी दिलाने के नाम पर 25 लाख की धोखाधडी करने वाले गिरोह के सदस्यों को उत्तराखंड की एसटीएफ टीम ने वारंट बी में छत्तीसगढ़ से गिरफ्तार किया है। एसटीएफ के एसएसपी आयुष अग्रवाल ने बताया कि देहरादून निवासी शिकायतकर्ता ने शिकायत की कि KFC रेस्टॉरेंट की फ्रैंचाइजी लेने के लिए ऑनलाइन गूगल में सर्च किया।
इसके बाद KFC की वेबसाइट पर जाकर ईमेल inquiry के माध्यम से अपनी रिक्वेस्ट दर्ज करवाई। इसके बाद ईमेल [email protected] से शिकायतकर्ता की मेल आईडी पर एक रिप्लाई आई। जिसने खुद को KFC की रजिस्टर्ड पार्टनर Sapphire Foods India Ltd बताकर फ्रेंचाइजी रजिस्ट्रेशन की फीस, सिक्योरिटी डिपोसिट, लाइसेंस नंबर इत्यादि का विवरण के लिए एप्लीकेशन फॉर्म ईमेल के माध्यम से भेजा।
इसके बाद अज्ञात व्यक्तियों द्वारा आपराधिक षडयन्त्र रचकर विभिन्न मोबाईल नम्बरों से शिकायकर्ता को कॉल कर KFC का Employee बनकर शिकायतकर्ता को KFC की झूठी FRANCHISEE देने के नाम पर ऑनलाईन कुल 24 लाख 30 हजार 500 रुपये की धोखाधड़ी की गयी।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज किया और मामले की जांच शुरू की तो पता चला कि यह एक गैंग के रूप में काम कर फेक वैबसाईट बनाकर फ्रैन्चाईज़ी देने के नाम पर देश के भिन्न-भिन्न राज्यो में धोखाधड़ी कर रहे हैं। जिसके बाद जांच पड़ताल की तो पता चला कि छत्तीसगढ़ पुलिस ने ऐसे गिरोह के कुछ लोगों को गिरफ्तार किया है।
जो कि वर्तमान में सैन्ट्रल जेल दुर्ग छत्तीसगढ़ में कैदी हैं। एसटीएफ ने इन आरोपियों के विरुद्व वारंट बी प्राप्त किया। इसके बाद आरोपियों को सैन्ट्रल जेल दुर्ग छत्तीसगढ़ से लाकर पुलिस कस्टडी रिमांड लेकर देहरादून जेल में लाया गया है। आरोपियों की पहचान सूरज कुमार उम्र 24 वर्ष और रामप्रवेश प्रसाद दोनों निवासी भवानी बीघा, वारिसलीगंज, जिला नवादा बिहार जो वर्तमान में केन्द्रीय जेल दुर्ग छत्तीसगढ़ में रहे।












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