कतर से देहरादून अपने घर पहुंचे सौरभ वशिष्ठ, बुजुर्ग माता पिता के नहीं थम रहे आंसू,कहा-किसी चमत्कार से कम नही
कतर से लौटने के बाद देहरादून के सौरभ वशिष्ठ देहरादून पहुंच गए। अपने बेटे को अपने सामने देख बुजुर्ग माता पिता के आंसू रूकने का नाम नहीं ले रहे। साथ ही सबने सौरभ की आरती उताकर दिवाली जैसा स्वागत किया। सौरभ के घर लौटने की खबर सुनकर परिचित दिनभर मिलने आते रहे। इस दौरान बुजुर्ग माता पिता की आंखों में आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे।

बता दें कि कतर में मौत की सजा पाने वाले भारतीय नौसेना के रिटायर्ड आठ अफसरों में से एक देहरादून के सौरभ वशिष्ठ भी थे। जो कि देहरादून में टर्नर रोड पर रहते हैं। सोमवार को जैसे ही माता पिता को सौरभ के लौटने की खबर मिली, तब से वे अपने बेटे का घर लौटने का इंतजार करते दिखे।
मंगलवार को जब वह देहरादून अपने घर पहुंचे तो यहां लोगों ने उनका जोरदार स्वागत किया। बेटे को कई महीनों बाद अपने सामने देख माता पिता और पत्नी व बेटियों की आंखें भी नम हो गई। इस दौरान कैप्टन सौरभ ने कहा कि यह प्रभु राम की कृपा ही है और पीएम मोदी का सहयोग जो आज हम वापस भारत लौट सके हैं। हम सरकार के दिल से आभारी हैं।
माता पिता का कहना है कि कतर में फांसी उम्रकैद की सजा के बाद बेटे का वापस आना चमत्कार से कम नहीं है। सौरभ के घर लौटते ही दिवाली जैसा माहौल हो गया। मीडिया से बातचीत में माता पिता ने बताया कि कतर की जेल से छूटकर दिल्ली में उतरने के बाद उनके बेटे ने सबसे पहले फोन किया तो उन्हें विश्वास नहीं हुआ।
मंगलवार को सभी रिहा हुए नौ सैनिकों के साथ सौरभ वशिष्ठ भी कतर से दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे। इसके बाद वे देहरादून अपने घर पहुंचे। जहां पर उनका जोरदार स्वागत हुआ और घर में दिवाली जैसा माहौल नजर आया। सौरभ के घर लौटने की खबर सुनकर परिचित और पूरा मोहल्ला दिनभर उनके घर पर पहुंच गया। जिसके बाद जोरदार स्वागत हुआ।












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