Uttarakhand:रेलवे प्रोजेक्ट के लिए 5004 करोड़ की सौगात, इन परियोजनाओं को मिलेगी गति,स्टेशन बनेंगे वर्ल्ड क्लास
उत्तराखंड को रेलवे प्रोजेक्ट के लिए 5004 करोड़ रुपये की सौगात दी है। ऋषिकेश—कर्णप्रयाग रेलवे परियोजना को गति मिलेगी,देहरादून और हरिद्वार रेलवे स्टेशन को वर्ल्ड क्लास विकसित किए जाएंगे।

उत्तराखंड को रेलवे प्रोजेक्ट के लिए केन्द्र सरकार ने 5004 करोड़ रुपये की सौगात दी है। यह रकम वर्ष 2009-14 की तुलना में 27 गुना अधिक है। वर्ष 2009-14 में यह महज 187 करोड़ रुपये था। इससे एक तरफ जहां ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे परियोजना को गति मिलेगी वहीं देहरादून और हरिद्वार रेलवे स्टेशन को वर्ल्ड क्लास विकसित किए जाएंगे।

पयर्टन और तीर्थाटन के लिहाज से हरिद्वार, देहरादून दो प्रमुख रेलवे स्टेशन
उत्तराखंड के पयर्टन और तीर्थाटन के लिहाज से हरिद्वार और देहरादून दो प्रमुख रेलवे स्टेशन हैं। जिनको विकसित करने और सुविधाएं बढ़ाने के लिए सरकार प्रयास कर रही है। हरिद्वार और देहरादून स्टेशन के ठीक ऊपर 45 से लेकर 117 मीटर चौड़ा रूप टॉप प्लाजा बनेगा। इसमें खानपान के साथ विश्राम करने की सुविधा होगी। यात्रियों के साथ इसका इस्तेमाल आम लोग भी कर सकेंगे।

पड़ोसी राज्यों की तुलना में कई गुना अधिक धनराशि
आम बजट-2023 में रेल परियोजनाओं के लिए उत्तराखंड को पड़ोसी राज्यों की तुलना में कई गुना अधिक धनराशि मिली है। पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश को 1538 करोड़, पंजाब को 4762 करोड़, हरियाणा को 2247 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही काशीपुर, लालकुआं, रामनगर, टनकपुर, किच्छा, काठगोदाम, हर्रावाला, रुड़की और कोटद्वार रेलवे स्टेशनों को विकसित किया जाएगा। देश में 750 रेलवे स्टेशनों पर एक स्टेशन-एक उत्पाद योजना लागू की गई है। इसमें हरिद्वार और देहरादून स्टेशन शामिल हैं। यहां गैर सरकारी संगठन और संस्थाएं स्थानीय उत्पाद के स्टॉल लगाती हैं। हालांकि बजट में वंदे भारत और वंदे मेट्रो ट्रेन को लेकर कोई प्रावधान नहीं है।

हर्रावाला रेलवे स्टेशन को टर्मिनल के रूप में विकसित किया जाएगा
देहरादून के हर्रावाला रेलवे स्टेशन को 105 करोड़ की लागत से टर्मिनल रेलवे स्टेशन के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां से 24 कोच वाली ट्रेनों का संचालन करने के लिए प्लेटफॉर्म का विस्तारीकरण कर नए प्लेटफार्म बनाए जाएंगे। देहरादून से चलने वाली कई ट्रेनों का संचालन भी हर्रावाला से ही किया जाएगा। देहरादून से चुनिंदा ट्रेनें ही चलेंगी। हर्रावाला से हरिद्वार के बीच के पड़ने वाले डोईवाला, रायवाला और कांसरो जैसे स्टेशनों के कायाकल्प पर भी 150 करोड़ खर्च होंगे। देहरादून टर्मिनल रेलवे स्टेशन के नजदीक हर्रावाला स्टेशन को संवारने के लिए रेलवे खास फोकस कर रहा है। फिलहाल मुख्य ट्रेनें देहरादून रेलवे स्टेशन तक जाती हैं।

हर्रावाला रेलवे स्टेशन रेलवे के चार धाम प्रोजेक्ट के लिए भी अहम
देहरादून में प्लेटफार्म की लंबाई और पहाड़ी भूमि 24 कोच की ट्रेन के अनुकूल नहीं हैं। ऐसे में इससे 10 किमी दूर हर्रावाला को उत्तराखंड के प्रमुख स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा ए श्रेणी के रेलवे स्टेशन की तरह सभी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। अब रेलवे प्रशासन हर्रावाला में 3600 एकड़ जमीन का अधिग्रहण करने जा रहा है। हर्रावाला रेलवे स्टेशन रेलवे के चार धाम प्रोजेक्ट के लिए भी अहम है। यहां से होकर नई रेलवे लाइन गुजरेगी जोकि ऋषिकेश के बाद कर्णप्रयाग तक जाएगी। इसके बाद हर्रावाला से गंगोत्री और यमुनोत्री तक रेलवे लाइन का निर्माण कराया जाना है।

ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेलवे परियोजना पर एक नजर
- परियोजना को वर्ष 2024 तक हर हाल में पूरा करने का है।
- ये रहेंगे स्टेशन- वीरभद्र, योग नगरी ऋषिकेश, शिवपुरी, व्यासी, देवप्रयाग, जनासू, मलेथा, श्रीनगर (चौरास), धारी देवी, रुद्रप्रयाग (सुमेरपुर), घोलतीर, गौचर और कर्णप्रयाग (सेवई)
- ये परियोजना देहरादून, टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग व चमोली जिले को जोड़ेगी।
- कुल लागत : 16128 करोड़ रुपये
- कुल लंबाई : 125 किमी
- 17 सुरंगों से गुजरेगा रेल लाइन का 105 किमी हिस्सा
- ऋषिकेश-कर्णप्रयाग के बीच बनेंगे 16 रेल पुल
- सबसे लंबी सुरंग 14.8 किमी
- सबसे छोटी सुरंग 220 मीटर
- ऋषिकेश से कर्णप्रयाग के बीच होंगे 13 रेलवे स्टेशन












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