Rahul gandhi को न्याय दिलाने के लिए अब भगवान से गुहार, यहां लगाई गई फैसले के खिलाफ अर्जी
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में स्थित माता कोकिला के दरबार पांखू में कांग्रेसियों ने राहुल को न्याय दिलाने के लिए न्याय के मंदिर में अर्जी लगाई है। कांग्रेस के यूथ कार्यकर्ताओं ने एक अर्जी लिखकर मंदिर परिसर में टांग दी।

कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता रद्द होने के बाद कांग्रेस पार्टी पूरे देश में सड़कों पर उतर आई है। इस फैसले के खिलाफ पार्टी सत्याग्रह आंदोलन से लेकर धरना प्रदर्शन कर रही है। इतना ही नहीं कांग्रेस का हर कार्यकर्ता अपने अपने तरीके से राहुल गांधी के साथ खड़े नजर आ रहे हैं। राहुल को न्याय दिलाने के लिए हर कोई कोशिश में जुटा है। इसी तरह का एक मामला उत्तराखंड से सामने आया है। जहां युवा कांग्रेसियों ने राहुल को न्याय दिलाने के लिए न्याय के मंदिर में अर्जी लगाई है।
भगवान से न्याय की प्रार्थना
कांग्रेसियों ने पिथौरागढ़ में स्थित माता कोकिला के दरबार पांखू में अर्जी लिखकर भगवान से न्याय की प्रार्थना की है। कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को पूरी उम्मीद है, कि राहुल गांधी को जल्द से जल्द न्याय मिलेगा। कार्यकर्ताओं का कहना है कि राहुल गांधी के साथ अन्याय हुआ है। कार्यकर्ता कोटगाड़ी कोकिला माता मंदिर पांखू पहुंचे। कांग्रेस के यूथ कार्यकर्ताओं ने एक अर्जी लिखकर मंदिर परिसर में टांग दी और माता से न्याय की गुहार लगाते हुए कहा कि राहुल गांधी के साथ अन्याय हुआ है। युवक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि मां कोकिला देवी के दरबार में ही राहुल गांधी को न्याय मिलेगा। युथ कांग्रेस के राज्य कार्यकारी सदस्य उमेश उपाध्याय के नेतृत्व में पार्टी के कार्यकर्ता पिथौरागढ़ जिला स्थित माता कोकिला के दरबार पांखू पहुंचे। उन्होंने मां के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। यहां एक पत्र लिखकर हाथ से लिखी चिट्ठी को मंदिर परिसर में टांग दिया। युवा कार्यकर्ताओं का ये पत्र सोशल मीडिया पर भी जमकर वायरल हो रहा है। कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को उम्मीद है कि भगवान के दर पर ही राहुल को अब न्याय मिलेगा।
मां कोकिला देवी मंदिर पिथौरागढ़
मां कोकिला देवी मंदिर पिथौरागढ़ में प्रसिद्ध पर्यटक स्थल चौकोड़ी के करीब कोटमन्या मार्ग से 17 किलोमीटर की दूरी पर कोटगाड़ी नाम के एक गांव में स्थित है। मान्यता है कि माता कोटगाड़ी यहां स्वयं प्रकट हुई थीं और यहीं रहती थीं तथा न्याय भी देती थीं। स्थानीय लोगों का मानना है कि कोकिला देवी एक ऐसी देवी हैं, जिनके दरबार में न्यायालय से मायूस हो चुके लोग आकर न्याय की गुहार लगाते हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार जो फैसला कोर्ट में भी नहीं हो पाता, वह माता के दरबार में बिना वकील के हो जाता है। विरोधी दोषी हुआ तो उसे बेहद कड़ी सजा दी जाती है। मंदिर में सादे कागज में चिट्ठी लिखकर न्याय की गुहार लगाई जाती है। मंदिर में टंगी असंख्य अर्जियां इस बात की गवाही देती हैं।
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