Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Uttarakhand:सेब बागवानी को लेकर काश्तकारों के लिए गए सुझाव से होगी नई पॉलिसी तैयार, ये है सरकार की प्लानिंग

उत्तराखंड के सेब को नई पहचान दिलाने और काश्तकारों को लाभ पहुंचाने के लिए धामी सरकार ने पहल की है। सेब बागवानों के साथ संवाद किया जा रहा है। जिसके बाद काश्तकारों के लिए गए सुझाव से सेब की नई पॉलिसी तैयार की जाएगी।

pushkar dhami government new policy prepared suggestions farmers regarding apple gardening

उत्तराखंड के सेब को नई पहचान दिलाने और काश्तकारों को लाभ पहुंचाने के लिए धामी सरकार ने पहल की है। इसके लिए सेब बागवानों के साथ संवाद किया जा रहा है। जिसके बाद काश्तकारों के लिए गए सुझाव से सेब की नई पॉलिसी तैयार की जाएगी। साथ ही मार्केट में जिस वैरायटी की अधिक डिमांड होगी, उसे प्रमोट किया जाएगा और सेब बागवान अब अपनी-अपनी पसंद की सेब की पौध लगा पाएंगे।

सेब काश्तकारों के सुझाव के अनुरूप नई नीति बनाई जाएगी

Recommended Video

    Uttrakhand: Chamoli के Joshimath में घरों में दरारों के बाद निकलने लगा पानी | वनइंडिया हिंदी |*News

    प्रदेश के कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने प्रदेश के सेब उत्पादक प्रगतिशील कृषकों के साथ संवाद एवं विचार गोष्ठी को सम्बोधित किया। इस विचार गोष्ठी में प्रदेश के अनेक जनपदों के सेब काश्तकारों और बागवानों ने हिस्सा लिया। साथ ही कई किसान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी जुड़े। इस दौरान प्रदेश के कई हिस्सों से पहुंचे सेब बागवानी ने अपने सुझाव दिए। विचार गोष्टी में प्लांटिंग मैटेरियल सेब की नई वैरायटी के अध्ययन, किसानों को प्रशिक्षण नर्सरियों के सत्यापन, मार्केटिंग सहित कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विचार विमर्श किया गया। मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि एप्पल के प्लांटिंग सीजन को देखते हुए पूरे प्रदेश के करीब 100 से अधिक उन्नत सेब काश्तकार किसानों के साथ संवाद किया गया और उनके सुझाव लिए गए। मंत्री जोशी ने कहा सेब काश्तकारों के सुझाव के अनुरूप जो नई नीति बनाई जाएगी, उसमे सभी सेब बागवानों के सुझाव भी सम्मिलित किए जाएंगे। मंत्री ने कहा हम कितनी भी नई वैरायटी लाए अगर किसानों को प्रशिक्षण नहीं देंगे तो किसान उसका लाभ नहीं उठा पाएगा। मंत्री ने अधिकारियों को सुनिश्चित करते भरसार यूनिवर्सिटी के कुलपति को प्रशिक्षण की जिम्मेदारी सौंपी। मंत्री ने कहा अगली बार से ब्लॉक स्तर तक से बागवानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। मंत्री ने कहा हम यह भी सुनिश्चित करेंगे कि किसानों की जो पैदावार है, उसकी मार्केटिंग की जिम्मेदारी सरकार की होगी। मंत्री ने उद्यान निदेशक को विभाग के फील्ड में रहने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को मॉनिटरिंग करने के भी निर्देश दिए। इसके अलावा मंत्री जोशी ने उद्यान निदेशक को 10 दिन फील्ड में रहने के भी निर्देश दिए।

    जिस सेब की वैरायटी की सबसे अधिक डिमांड, उसे प्रमोट किया जाएगा
    मंत्री जोशी ने कहा मार्केट में जिस सेब की वैरायटी की सबसे अधिक डिमांड होगी, उसे प्रमोट किया जाएगा। साथ ही, सेब नई प्रजातियों का अध्ययन कर उसे इस्तेमाल में लाया जाएगा। मंत्री जोशी ने कहा कि किसान की जो मांग होगी, उसी के अनुसार उन्हें पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे। मंत्री ने कहा सेब बागवानों को उच्च गुणवत्ता युक्त पौध उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है और उस दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे है। मंत्री ने भरोसा जताते हुए कहा कि किसानों और बागवानो के अनुभवों के साथ मिलकर वर्ष 2025 में हम अपने उत्पाद को दुगना करेंगे। बता दें कि देश में सेब उत्पादन के क्षेत्र में तीसरे स्थान पर होने के बावजूद उत्तराखंड के सेब को नाम और पहचान नहीं मिल पा रही है। सेब उत्तराखंड का होता है लेकिन ब्रांडिंग पड़ोसी राज्य हिमाचल की होती है। संपूर्ण राज्य में उत्तरकाशी जिले में सर्वाधिक 21 से 22 हजार मीट्रिक टन सेब का उत्पादन होता है। इसकी बदौलत सेब उत्पादन में उत्तराखंड देश में जम्मू एवं कश्मीर और हिमाचल के बाद तीसरे स्थान पर है लेकिन उत्पादन के साथ ब्रांडिंग पर ध्यान नहीं दिए जाने से राज्य के साथ यहां के सेब उत्पादक क्षेत्रों को नाम और पहचान नहीं मिल पा रही है। ऐसे में सरकार को इस दिशा में भी कड़े कदम उठाने की आवश्यकता है।

    More From
    Prev
    Next
    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+