प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे के बाद तेजी से बदल रहा सियासी घटनाक्रम, जानिए कब हो सकता है मंत्रिमंडल का विस्तार
उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे के बाद सियासी घटनाक्रम तेजी से बदल रहा है। प्रदेश में अब एक बार फिर मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल की चर्चा हो रही है। इस बीच देहरादून से लेकर दिल्ली तक बैठकों का दौर जारी है।
बताया जा रहा है कि सीएम पुष्कर सिंह धामी आज सियासी घटनाक्रम को लेकर दिल्ली जा सकते हैं। प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट पहले से ही दिल्ली में मौजूद हैं। मंत्रिमंडल के नए स्वरूप को लेकर दिल्ली में हाईकमान के साथ चर्चा हो सकती है। जिसके बाद इस हफ्ते में कभी भी मंत्रिमंडल का विस्तार या फेरबदल किया जा सकता है।

लंबे समय से प्रदेश में धामी मंत्रिमंडल के विस्तार और फेरबदल को लेकर सियासी हलचल तेज हो रही थी। बजट सत्र में संसदीय कार्य मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के विवादित बयान के बाद से जिस तरह का पहाड़ मैदान को लेकर बहस शुरू हुई और अग्रवाल को लेकर विपक्ष और कई संगठनों ने सड़क पर उतरकर विरोध जताया, उसके बाद से सरकार पर मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल को हटाने का प्रेशर बना हुआ था।
आखिरकार हाईकमान की हरी झंडी मिलते ही प्रेमचंद अग्रवाल को इस्तीफा देने को कहा गया। रविवार 16 मार्च को शाम साढ़े 5 बजे प्रेमचंद अग्रवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस्तीफे का ऐलान कर दिया। इसके बाद 6 बजे अग्रवाल ने सीएम धामी को इस्तीफा सौंप दिया।
अग्रवाल के इस्तीफे को राजभवन भेजा गया। जहां से इस्तीफा मंजूर कर दिया गया। अब प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे के बाद धामी मंत्रिमंडल में 5 कैबिनेट की सीटें रिक्त हो गई हैं। ऐसे में मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा तेज हो गई है। प्रेमचंद अग्रवाल के पास वित्त, शहरी विकास, संसदीय कार्य जैसे कई अहम विभाग थे।
सीएम धामी के सामने अब समीकरणों को साधते हुए संतुलित टीम बनाने की चुनौती खड़ी हो गई है। माना जा रहा है कि धामी सरकार के मंत्रिमंडल का विस्तार 23 मार्च से पहले या फिर 28 मार्च तक संभव है।












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