पीएम मोदी के दौरे को लेकर यहां भी तैयारियां शुरू, ध्यान, वेद और आध्यात्म का केंद्र है ये चंपावत का आश्रम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 11 व 12 अक्टूबर को उत्तराखंड दौरे को लेकर भाजपा संगठन की ओर से तैयारियां तेज हो गई है। पिथौरागढ़ के बाद अब चंपावत के मायावती आश्रम में भी भाजपा की टीम ने तैयारियों का जायजा लिया। पीएम मोदी के उत्तराखंड दौरे के लिए प्रभारी बनाए गए।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी बुधवार को लोहाघाट पहुंचे। जहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित दौरे को लेकर लोहाघाट में अद्वैत आश्रम, मायावती का निरीक्षण कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन से सम्बंधित सभी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने कहा यह स्थान बहुत ही रमणीक है यहां पर स्वामी विवेकानंद ने मेडिटेशन किया था।
उन्होंने कहा प्रधानमंत्री मोदी अगर यहां आएंगे तो निश्चित ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को यहां से एक अलग ऊर्जा मिलेगी। यह आश्रम स्वामी विवेकानंद की यादों और विचारों का केंद्र बिंदु है। स्वामी विवेकानंद के जीवन दर्शन को समझने और उनके बताये हुए मार्ग के बारे में जानने की तम्मना रखने वालों के लिए अद्वैत आश्रम मायावती एक अदभुत स्थान है।
मायावती आश्रम अपनी नैसर्गिक सौन्दर्य और एकांतवास के लिए प्रसिद्द है। बुरांस, देवदार, बांज और चीड आदि के जंगलों के बीच बसा यह आश्रम ना सिर्फ उत्तराखंड बल्कि देश और विदेश के अनेकों शांति और सौन्दर्य प्रेमी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है।
इससे पहले मंगलवार को गणेश जोशी ने पिथौरागढ़ में तैयारियों का जायजा लिया। जहां पीएम मोदी की जनसभा का आयोजन होगा। भाजपा की पीएम मोदी के दौरे से पिथौरागढ़ और चंपावत जिलों को कवर करने की कोशिश है। यहीं से लोकसभा चुनाव का शंखनाद किया जाएगा। जिसको लेकर भाजपा संगठन उत्साहित नजर आ रहे हैं।
पीएम मोदी का 11 व 12 अक्टूबर को प्रस्तावित दौरा राजनीतिक और व्यक्तिगत दोनों तरह का रखा जा सकता है। एक तरफ पीएम मोदी जनसभा को संबोधित करेंगे। दूसरी तरफ नारायण आश्रम व मायावती आश्रम में सूकून व शांति के पल बिता सकते हैं। इसके साथ ही पीएम मोदी आदि कैलाश के व्यू प्वाइंट का शुभारंभ करेंगे।
चंपावत का मायावती आश्रम स्वामी विवेकानंद के अनुयायियों ने तैयार करवाया है। मायावती आश्रम भी ध्यान, वेद और आध्यात्म का केंद्र है। जहां लोग शांति और सूकून की तलाश में पहुंचते हैं। भाजपा सूत्रों का दावा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अब तक 11 और 12 अक्तूबर को आदि कैलाश, नारायण आश्रम में भ्रमण और पिथौरागढ़ में जनसभा का कार्यक्रम प्रस्तावित है।
अभी तक पीएम के नारायण आश्रम में रुककर ध्यान, योग और साधना करने के कयास लगाए जा रहे थे। अब पीएम के नारायण आश्रम के साथ चंपावत के मायावती आश्रम जाने की भी चर्चा शुरू हो गई है। ये आश्रम स्वामी विवेकानंद के अनुयायियों ने तैयार करवाया है।
चम्पावत के मायावती आश्रम में 3 जनवरी 1901 स्वामी विवेकानंद पहुंचे थे। बताया जाता है कि स्वामी विवेकानंद ने 1901 में एक पखवाड़े तक यहां प्रवास किया। स्वामी विवेकानंद की प्रेरणा से उनके अनुयायियों द्वारा शताब्दी पूर्व लोहाघाट के निकट घने जंगलों के बीच मायावती में अद्वैत आश्रम की स्थापना की गई।
स्वामी जी के शिष्य सेवियर दंपत्ति द्वारा इस आश्रम का निर्माण 19 मार्च 1899 में कराया गया। आश्रम में स्वामी विवेकानंद का 3 जनवरी 1901 को पहुंचे थे। तब स्वामी जी काठगोदाम से वाया देवीधुरा होते हुए लगभग 173 किमी की दुर्गम पैदल यात्रा कर अपने अनुयायियों के साथ मायावती पहुंचे थे। दो सप्ताह के प्रवास के दौरान स्वामी जी ने यहां ध्यान और वेद के जरिए लोगों को आश्रम से जोड़ा। तभी से यह आश्रम एक तीर्थ के रूप में विख्यात हो गया।












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