Uttarakhand: पटवारी की परीक्षा सम्पन्न होते ही उत्तरकाशी में नए नकल विरोधी कानून के तहत दर्ज हुआ पहला मामला

उत्तरकाशी के पॉलीटेक्निक परीक्षा केंद्र पर एक अभ्यर्थी ने प्रश्न पत्र की सील खुली होने का आरोप लगाया। अभ्यर्थी ने अपने बयान का वीडियो भी वायरल किया। जिसके बाद अरुण ​​कुमार और कुछ न्यूज पोर्टल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।

Patwari exam is over first case registered under the new anti-copying law in Uttarkashi

पेपरलीक प्रकरण और नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद रविवार को प्रदेशभर में राज्य लोक सेवा आयोग की और से आयोजित पटवारी भर्ती परीक्षा सम्पन्न हो गया। लेकिन परीक्षा सम्पन्न होने के बाद उत्तरकाशी में पेपर की सील खुली होने जैसी अफवाह​ फैलाने वालों पर नए नकल विरोधी कानून के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। उत्तरकाशी के पॉलीटेक्निक परीक्षा केंद्र पर एक अभ्यर्थी अरुण कुमार ने प्रश्न पत्र की सील खुली होने का आरोप लगाया। अभ्यर्थी ने अपने बयान का वीडियो भी वायरल किया। जिसके बाद थाने तक मामला पहुंचा तो परीक्षा केंद्र के व्यवस्थापक की तहरीर पर अरुण ​​कुमार और कुछ न्यूज पोर्टल के खिलाफ नकल विरोधी कानून के तहत पहला मुकदमा दर्ज किया गया।

प्रश्नपत्र की गोपनीयता पूरी तरह से संरक्षित

अपर जिलाधिकारी उत्तरकाशी तीर्थपाल सिंह ने बताया कि राजस्व उप निरीक्षक (पटवारी / लेखपाल) की लिखित परीक्षा के सम्बन्ध में कुछ लोगों द्वारा भ्रामक ख़बरें फैलाई जा रही है। तीर्थपाल सिंह ने बताया कि ऐसे कतिपय लोगों के विरुद्ध नए नकल विरोधी अध्यादेश के सुसंगत प्राविधानों के तहत पहला मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। अपर जिलाधिकारी ने बताया कि कतिपय अभ्यर्थियों द्वारा प्रश्नपत्र की पेपर सील की गोपनीयता के सम्बन्ध में व्यक्त संदेह/भ्रांतियां निर्मूल हैं। परीक्षा संबंधी गोपनीय सामग्री वाले बॉक्स प्रधानाचार्य/केन्द्र प्रभारी के कक्ष में कक्ष निरीक्षक तथा सेक्टर मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में खोले गए हैं। सील्ड बॉक्स की वीडियोग्राफी की गई है। प्रश्नपत्र की गोपनीयता पूरी तरह से संरक्षित है।

परीक्षा में 65.6 प्रतिशत अभ्यर्थी ही शामिल हुए
रविवार को राज्य लोक सेवा आयोग की ओर से 563 पदों के लिए आयोजित परीक्षा में पंजीकृत एक लाख 58 हजार 210 अभ्यर्थियों में से 65.6 प्रतिशत अभ्यर्थी ही शामिल हुए। आयोग के अनुसार प्रदेश में बनाए गए 498 परीक्षा केंद्रों में कहीं से भी किसी तरह की शिकायत या अशांति की बात सामने नहीं आई। हालांकि, उत्तरकाशी में एक अभ्यर्थी ने प्रश्नपत्र की सील खुली होने का आरोप लगाया, लेकिन आयोग ने आरोप को निर्मूल बताते हुए कहा कि प्रश्नपत्रों की गोपनीयता पूरी तरह संरक्षित रही। नकलरोधी कानून के अस्तित्व में आने के बाद यह पहली परीक्षा थी, ऐसे में सभी की निगाह इस परीक्षा पर लगी हुई थी। परीक्षा के दौरान हर एग्जाम सेंटर पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।

कुछ लोग अफवाहें फैला रहे हैं उन पर भी कार्रवाई होगी

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    बीते 8 जनवरी को पटवारी भर्ती परीक्षा कराई गई थी, लेकिन आयोग के निलंबित अनुभाग अधिकारी संजीव चतुर्वेदी ने पत्नी रितु व अन्य साथियों के साथ परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र लीक कर दिया था। इसके बाद एसटीएफ ने इस मामले का खुलासा किया और कई गिरफ्तारियां हुई। बेरोजगार संघ के आह्रवान पर हजारों की संख्या में युवा सड़कों पर उतरे और जमकर बवाल हुआ। इस बीच पुलिस और छात्रों के बीच संघर्ष हुआ। जिसमें पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया। मामला गरमाया तो मुख्यमंत्री ने नकल विरोधी कानून को लागू करवाने के लिए राजभवन को विधेयक भेजा। जो कि राजभवन से मंजूर होते ही कानून लागू हो गया। जो कि देश का सबसे सख्त कानून बताया जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि भविष्य में सभी परीक्षाएं जारी किए गए कैलेंडर के अनुरूप होंगी। हमने पूरे देश का सबसे सख्त नकल अध्यादेश बनाया है जिसके अंतर्गत नकल का मामला सामने आने पर सख्त कार्रवाई होगी। कुछ लोग अफवाहें फैला रहे हैं उन पर भी कार्रवाई होगी।

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