Mukhyamantri Ekal Mahila Swarojgar Yojana के लाभार्थियों के सीधे खाते में आएंगे पैसे, जानिए कब और कितने
Uttarakhand Mukhyamantri Ekal Mahila Swarojgar Yojana: उत्तराखंड में पहली बार शुरू की गई एकल महिला स्वरोजगार योजना और नंदा गौरा योजना के लाभार्थियों को फरवरी माह के पहले सप्ताह में पैसा मिल जाएगा। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने विभागीय योजनाओं की समीक्षा के बाद यह बात कही।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि नंदा गौरा योजना के तहत अब तक 11 जनपदों के लाभार्थियों की अंतिम सूची तैयार कर ली गई है। इनमें 34852 इंटरमीडिएट पास करने वाली छात्राएं और 6021 जन्म लेने वाली बालिकाएं चिन्हित की गई है।

Mukhyamantri Ekal Mahila Swarojgar Yojana
इन सभी को धनराशि वितरित करने के लिए फरवरी प्रथम सप्ताह में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कैबिनेट मंत्री ने शेष दो जनपदों के लाभार्थियों की सूची भी जल्द से जल्द फाइनल करने के निर्देश दिए। इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने वाली छात्राओं को 51 हजार की एकमुश्त वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। सरकार का लक्ष्य इस राशि के माध्यम से छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना और राज्य में बाल विवाह जैसी कुरीतियों पर लगाम लगाना है।
Nanda Gaura Yojana
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि एकल महिला स्वरोजगार योजना के तहत अब तक 504 पात्र महिलाओं की सूची फाइनल कर दी गई है इन्हें भी फरवरी पहले सप्ताह में धनराशि वितरित कर दी जाएगी। इस योजना के तहत इनके अतिरिक्त अभी दो जनपदों की कुल 331 पात्र अभ्यर्थियों की सूची को अंतिम रूप देने की औपचारिकता बाकी है जिसे जल्द पूरा कर दिया जाएगा।
उत्तराखंड सरकार अविवाहित, तलाकशुदा, निराश्रित और दिव्यांग एकल महिलाओं को 2 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान करके उन्हें सशक्त बनाने के उद्देश्य से "मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना" संचालित कर रही है। इस योजना के तहत 75 प्रतिशत राशि अनुदान के रूप में दी जाती है, जबकि लाभार्थियों को अपनी ओर से केवल 25 प्रतिशत का योगदान करना होता है।
मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि आंगनबाड़ी कल्याण कोष के माध्यम से सेवा निवृत होते समय आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को 1 अप्रैल से 1 लाख की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। इस राशि को अगले वित्तीय वर्ष में और बढ़ाए जाने की तैयारी की जा रही है।
रेखा आर्या ने बताया कि प्रदेश की वृद्ध महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक, चिकित्सीय और भावनात्मक संबल देने के उद्देश्य से एक नई योजना तैयार की जा रही है। बैठक में उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इस योजना का स्वरूप कैसा होगा यह तय करने के लिए गांव-गांव जाकर वृद्ध महिलाओं का सर्वे किया जाए। जरूरतमंदों की रायशुमारी के बाद ही योजना का अंतिम स्वरूप तैयार किया जाएगा।












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