खुशखबरी: कैलाश पर्वत के दर्शन के लिए अब तिब्बत जाने की जरूरत नहीं, उत्तराखंड में मिला व्यू प्वाइंट
अगर आप भी अगले कुछ सालों में कैलाश पर्वत के दर्शन की योजना बना रहे, तो आपके लिए एक खुशखबरी है। अब भगवान शिव के 'घर' के दर्शन के लिए आपको तिब्बत जाने और लाखों रुपये खर्च करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में एक शानदार व्यू प्वाइंट की खोज हुई है, जहां से कैलाश पर्वत एकदम साफ दिखाई देता है।
खास बात ये है कि ये रास्ता स्थानीय लोगों ने खोजा। उनके मुताबिक लिपुलेख पहाड़ियों से कैलाश पर्वत साफ तौर पर दिखाई देता है। वहां से पर्वत की एरियल दूरी 50 किमी के आसपास है। वहीं व्यू प्वाइंट 18 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित है, जहां का रास्ता काफी ज्यादा दुर्गम है।

स्थानीय लोगों ने व्यू प्वाइंट की जानकारी स्थानीय अधिकारियों को दी थी, जिस पर हाल ही में एक टीम वहां पर गई और वहां का सर्वे किया। उन्होंने सर्वे की रिपोर्ट पर्यटन मंत्रालय को भेज दी है। ऐसे में जल्द ही वहां तक पहुंचने के लिए रास्ते की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा वहां पर लोगों के ठहरने का भी प्रबंध होगा।
कुल मिलाकर प्रशासन की कोशिश इस जगह को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने की रहेगी, ताकि लोग आराम से कैलाश मानसरोवर के दर्शन कर सकें। सर्वे टीम में शामिल कृति चंद के मुताबिक जिस जगह से पर्वत साफ दिख रहा, वो नाभीढांग से 2 किमी ऊपर है।
इस खास जगह तक जाने के लिए पहले धारचूला और बूढ़ी के रास्ते सड़क मार्ग से नाभीढांग तक पहुंचना होगा। इसके बाद दो किमी की चढ़ाई करने पर आपको व्यू प्वाइंट मिल जाएगा। हालांकि ये चढ़ाई काफी ज्यादा कठिन मानी जा रही, लेकिन इस पर ट्रैकिंग का रास्ता भविष्य में तैयार किया जा सकता है।
2 लाख का आता है खर्च
अभी तीन रूट लिपुलेख दर्रा (उत्तराखंड), नाथू दर्रा (सिक्किम) और नेपाल के काठमांडू से कैलाश मनासरोवर की यात्रा होती है। जिसमें कम से कम प्रति व्यक्ति दो लाख रुपये तक खर्च हो जाते हैं। ऐसे में हर आम आदमी के लिए ये यात्रा करना संभव नहीं है। इस नए रूट से कम खर्च में भगवान शिव के 'घर' के दर्शन हो सकेंगे।












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