मुर्गी फार्म की आड़ में एमडीएमए ड्रग का गोरखधंधा, उत्तराखंड से नेपाल और मुंबई तक फैले नेटवर्क का भंडाफोड़
उत्तराखंड पुलिस ने करोड़ों की एमडीएमए ड्रग फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने उत्तराखण्ड से नेपाल और मुंबई तक फैले नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए प्रतिबंधित कैमिकल्स की बड़ी खेप बरामद की है। जिनकी कीमत करोड़ो में बताई जा रही है।
एसटीएफ की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स द्वारा थाना नानकमत्ता क्षेत्र में स्थानीय पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुये एमडीएमए ड्रग्स को तैयार करने वाले गिरोह के मुख्य सरगना कुनाल राम कोहली को ड्रग्स को तैयार करने के लिए प्रयोग किये जाने वाले विभिन्न प्रकार के रॉ मैटेरियल बरामद किया। जो कि गैर कानूनी है।

डीजीपी दीपम सेठ ने बताया कि महाराष्ट्र के ठाणे में 31 मई 2025 को दो व्यक्त्यिों को 11 ग्राम एमडीएमए के साथ गिरफ्तार किया गया। जिन्होंने बताया कि उत्तराखण्ड - नेपाल बार्डर से पिथौरागढ के थल क्षेत्र में मोनू गुप्ता एवं कुनाल कोहली ने एमडीएमए की फैक्ट्री लगाई गई है। यहीं से मुम्बई समेत अलग-अलग राज्यो में एमडीएमए की सप्लाई करते है। जून के अन्तिम सप्ताह में थाणे पुलिस द्वारा पलीया नेपाल बार्डर से मोनू गुप्ता को दो साथियों भीम यादव व अमन कोहली को गिरफ्तार किया गया।
इसी दौरान तत्समय कुनाल कोहली अपने साथी राहुल और विक्रम के साथ नेपाल फरार हो गया था। 11 जुलाई को चम्पावत पुलिस द्वारा कार्रवाई करते हुये अभियुक्त राहुल की पत्नी ईशा को 5 कि0 688 ग्राम एमडीएमए के साथ गिरफ्तार किया गया। अभियुक्तों द्वारा बनारस, गाजियाबाद , थाणे की कम्पनियों से अवैध रूप से लाया जाता था।
पिथौरागढ के थल थाना क्षेत्र में मुर्गी फार्म की आड़ में एमडीएमए का कैमिकल से अवैध रूप से निर्मित करते थे। 14 जुलाई को मुख्य अभियुक्त कुनाल कोहली को एसटीएफ टीम व नानकमत्ता पुलिस टीम के साथ थाना नानकमत्ता क्षेत्र से गिरफ्तार किया। बताया गया कि फैक्ट्री से करीब 06 किलोग्राम एमडीएमए का निमार्ण किया जाना था जिसकी अन्तराष्ट्रीय बाजार में लगभग 12 करोड़ कीमत होती।
अभियुक्त द्वारा बताया गया कि नाला सुपारा, मुम्बई में रहनें वाले भीम यादव मोनू उर्फ ओम गुप्ता, बल्ली राम गुप्ता, नवीन नेपाली से मुलाकात मुम्बई में हुई थी। पिछले वर्ष जब मोनु गुप्ता और भीम यादव के विरूद्ध मुम्बई में नारकोटिक्स एक्ट में केस हुआ था तो वह इन लोगों को अपने साथ फरारी काटने के लिये टनकपुर गैंडा खाली अपने घर ले आया था।
इसी दौरान टनकपुर में नरेश शकरी व रोशन कोहली से मुलाकात हुयी। नरेश शकारी का घर गैंडाखाली में एकान्त में था तो सभी ने आपस में योजना बनाई कि यहॉ पर हम एमडीएमए ड्रग्स को बना सकते हैं। मोनू गुप्ता ने पहले बनारस में ड्रग्स बनाने की फैक्टी लगायी थी वहॉ भी यूपी पुलिस ने छापा मार दिया था। पिछले वर्ष जून-जुलाई से यहॉ रह रहे थे। यहॉ पर पहली बार ड्रग्स बनाने के लिये बनारस से कैमिकल मॅगाया था।
जब तीन-चार किलो माल तैयार हो जाता था तब बल्ली राम गुप्ता माल को लेकर मुम्बई जाता था। एक बार जब बल्ली राम गुप्ता मुम्बई माल लेकर गया था तो वहॉ उसे मुम्बई पुलिस ने पकड़ लिया था। फिर गैंडाखाली से फैक्ट्री हटा ली थी। इसके बाद पिथौरागढ़ के थल से आगे सुवालेख में एक फार्म किराये पर लेकर मुर्गी फार्म खोल लिया था। उसी की आड़ में एमडीएमए बनाने लगें।












Click it and Unblock the Notifications