रक्षाबंधन से पहले दो बहनों का इकलौता भाई आजादी के पर्व पर हुआ बलिदान,रूला देगी कैप्टन दीपक की शहादत की कहानी
martyr Captain Deepak news: आजादी के जश्न के बीच और रक्षाबंधन की तैयारियों से पहले कैप्टन दीपक सिंह के शहीद होने की सूचना से पूरा परिवार शोक में डूबा है।
परिवार में इकलौते भाई होने की वजह से बहनों के लिए राखी के त्यौहार से पहले घटना जिदंगी भर का गम दे गया है। पुलिस से रिटायर्ड हुए पिता और माता के बुढ़ापे का भी सहारा छिन गया है।

हर किसी की आंखों में जवान शहीद के लिए आंसू नजर आ रहे हैं। 25 वर्षीय बेटे के लिए परिजनों ने कई सपने संजोए हुए थे, जो देश के लिए बलिदान हो गए।
कैप्टन दीपक सिंह का परिवार देहरादून के रेसकोर्स में रहता है। पिता महेश सिंह अप्रैल माह में ही पुलिस विभाग से सेवानिवृत्त हुए। जो कि डीजीपी के पूर्व गोपनीय सहायक पद पर तैनात थे। महेश सिंह की दो बेटियां हैं जबकि इकलौता बेटा दीपक सिंह था। इस तरह दो बहनों में इकलौता भाई था। जिसके शहीद होने से पूरे परिवार पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा है।
कैप्टन दीपक की छोटी बहन की चार महीने पहले शादी हुई थी। शादी में शामिल होने के लिए भाई दीपक सिंह भी देहरादून आए थे। चंद दिन पहले ही बड़ी बहन के घर बेटी ने जन्म लिया। पिता और मां बेटी से मिलने केरल गए हुए थे। इस तरह परिवार में हर तरफ खुशी का माहौल था। लेकिन इस बीच इस घटना से पूरे परिवार की खुशी मातम में बदल गई। बेटे के बलिदान होने की खबर सुनते ही माता पिता देहरादून के लिए रवाना हो गए।
कैप्टन दीपक सिंह की 12वीं तक की पढ़ाई देहरादून के सेंट थॉमस स्कूल से हुई थी। दीपक बचपन से ही मेधावी थे। स्कूलिंग के समय फुटबाल, हॉकी समेत खेलों में वे कई अवॉर्ड जीते। वर्ष 2020 में सेना में बतौर लेफ्टिनेंट भर्ती हुए थे। कैप्टन दीपक भारतीय सेना के 48 राष्ट्रीय राइफल्स में सिग्नल अधिकारी के पद पर थे।












Click it and Unblock the Notifications