उत्तराखंड में भाजपा हरिद्वार और गढ़वाल सीट पर कब करेगी प्रत्याशियों की घोषणा,कहां फंसा पेंच,कौन किस पर भारी
उत्तराखंड की पांच लोकसभा सीटों में से तीन सीटों पर भाजपा पहले ही प्रत्याशियों का ऐलान कर चुकी है अब हरिद्वार और गढ़वाल सीट पर हाईकमान को घोषणा करनी है। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि एक से दो दिनों में इन दोनों सीटों पर भी प्रत्याशियों का ऐलान हो जाएगा। हाईकमान दोनों सीटों पर सभी तरह के सर्वे रिपोर्ट और सीनियर नेताओं से मंथन करने में जुटा है।

इधर गढ़वाल और हरिद्वार सीट के दावेदारों की भी धड़कनें बढ़ी हुई है। माना जा रहा है कि इन दोनों सीटों से तीन पूर्व सीएम समेत कई सीनियर नेताओं का भविष्य टिका हुआ है। उत्तराखंड की हरिद्वार और गढ़वाल सीट पर भाजपा का मंथन जारी है। जिससे सिटिंग एमपी के भविष्य को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
माना जा रहा है कि इन दोनों सीटों में सिटिंग एमपी के टिकट खतरे में हैं। वर्तमान में हरिद्वार से पूर्व सीएम रमेश पोखरियाल निशंक और गढ़वाल सीट से पूर्व सीएम तीरथ सिंह रावत सिटिंग एमपी है। गढ़वाल सीट पर राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनिल बलूनी और त्रिवेंद्र रावत के बीच ही मुकाबला माना जा रहा है। जबकि हरिद्वार सीट से स्वामी यतीश्वरानंद और त्रिवेंद्र सिंह रावत का दावा भी मजबूत माना जा रहा है।
त्रिवेंद्र की हरिद्वार और गढ़वाल दोनों सीट पर दावेदारी मानी जा रही है। ऐसे में किसी एक जगह से त्रिवेंद्र सिंह रावत को टिकट मिलने के कयास लगाए जा रहे हैं। इसके साथ ही निशंक और तीरथ दोनों सिटिंग एमपी के टिकट कटने के कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि दोनों अपने टिकट बचाने को आखिरी दौर तक कोशिश में जुटे हैं। इसके लिए हर किसी की अब दिल्ली पर निगाहें टिकी हुई है।
भाजपा सूत्रों का दावा है कि एक से दो दिन में इन टिकटों की भी घोषण हो जाएगी। जिन पर इस बार नए चेहरे पर दांव खेला जाएगा। भाजपा उत्तराखंड की पांचों सीटों पर इस बार भी हैट्रिक लगाने की तैयारी में है। इसके लिए प्रत्याशी चयन सबसे अहम माना जा रहा है।
अब तक जिन तीनों सांसदों को रिपीट किया गया है, उनकी पार्टी को जीत की गारंटी लग रही है। जिन दो सीटों पर अभी टिकट फाइनल नहीं हुआ है, वहां की रिपोर्ट सही नहीं मानी जा रही है। इसके साथ ही हरिद्वार और गढ़वाल दोनों वीआईपी सीट है। जिन पर पार्टी मजबूत दावेदार की तलाश पर हैं।












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