जानिए कहां खुला है देश का पहला कॉर्टोग्राफी म्यूजियम, पर्यटकों के लिए क्यों खास है ये जगह
मसूरी में देश का पहला कॉर्टोग्राफी म्यूजियम खुल गया है। जिसका अब पर्यटक दीदार कर सकते हैं। यह म्यूजियम अपने आप में एक अनूठा म्यूजियम है, जिसमें सर जॉज एवरेस्ट द्वारा किये गये Great Trigonometric Arc Survey और भारतीय पर्वतारोहियों द्वारा विभिन्न हिमालयी चोटियों के सर्वे को दर्शाया गया है। साथ ही सर्वे में प्रयोग होने वाले विभिन्न उपकरणों की भी जानकारी म्यूजियम में दी गयी है।

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कॉर्टोग्राफी म्यूजियम का लोकार्पण करने के साथ-साथ जॉर्ज एवरेस्ट स्थित हैलीपैड को महान भारतीय पर्वतारोही राधानाथ सिकदर को समर्पित किया गया। मसूरी के जॉर्ज एवरेस्ट हाउस में देश का पहला कार्टोग्राफिक (मानचित्रकला) म्यूजियम बनाया गया है। इस म्यूजियम में माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई नापने वाले सर जॉर्ज एवरेस्ट के संग्रह पत्रों और अभिलेखों का दीदार पर्यटक कर सकेंगे।
साथ ही सर्वे से संबंधित कई तथ्यपरक जानकारी भी पर्यटकों को मिल सकेगी। इस म्यूजियम में सर जॉर्ज एवरेस्ट के साथ ही सर्वेयर नैन सिंह रावत के पत्रों को भी रखा जाएगा। साथ ही सर्वेयर किशन सिंह नेगी, गणितज्ञ राधानाथ सिकंदर की ऑब्जर्वेटरी से भी यहां आने वाले लोग रूबरू हो सकेंगे।
जॉर्ज एवरेस्ट हाउस में तैयार किए गए म्यूजियम में पर्यटकों को सर्वे की कई तथ्यपरक जानकारी मिलेंगी। कार्टोग्राफिक म्यूजियम में पर्यटक जीपीएस की कार्यप्रणाली भी जान सकेंगे। इसके लिए यहां ग्लोब तैयार किया गया है। स्क्रीन पर स्थान खोजते ही ग्लोब पर जगह दिख जाएगी। सैटेलाइट कैसे काम करते हैं, उनमें जीपीएस और संचार प्रणाली कैसे ऑपरेट की जाती है, इसकी जानकारी भी मिल जाएगी।
म्यूजियम को आधुनिक तकनीक से बनाया गया है। पर्यटक जिस उपकरण के सामने खड़े होंगे, उसकी पूरी जानकारी डिस्प्ले हो जाएगी, जिसे विशेष साफ्टवेयर के जरिए चलाया जाएगा। क्यूआर कोड स्कैन करते ही मोबाइल पर जानकारी मिलेगी।
क्या होता है कार्टोग्राफिक
कार्टोग्राफिक यानी मानचित्र कला मुख्यता मानचित्र और विभिन्न संबंधित उपकरणों की रचना इनके सिद्धांतों और विधियों के ज्ञान और अध्ययन करने को ही कार्टोग्राफिक कहते हैं।












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