केजरीवाल के चुनावी विजन से भाजपा खेमे में हलचल, बदलनी पड़ी चुनावी रणनीति, जानिए कैसे
केजरीवाल के चुनावी विजन से भाजपा खेमे में हलचल, बदलनी पड़ी चुनावी रणनीति
देहरादून, 23 नवंबर। उत्तराखंड में चुनावी मैदान में आम आदमी पार्टी के आने से भाजपा, कांग्रेस को इस बार चुनावी रणनीति बदलनी पड़ रही है। भाजपा, कांग्रेस जहां एक दूसरे के पुराने मुद्दों को लेकर आपसी खींचतान में लगी है। वहीं दूसरी और आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल लगातार नए चुनावी विजन सामने लाकर भाजपा, कांग्रेस की नींद उड़ा चुके हैं। दोनों दलों को इस बात का एहसास है कि आप अगर विधानसभा सीटों पर ज्यादा करिश्मा नहीं कर पाई तब भी सीटों का गणित बिगाड़ने में आप की भूमिका रहेगी। जो कि दोनों दलों को नुकसान पहुंचा सकती है। केजरीवाल के चुनावी प्रचार-प्रसार से पहले कांग्रेस के खेमे में डर नजर आया तो अब भाजपा भी अपनी चुनावी रणनीति बदलने में जुटी है।

हर बार केजरीवाल दे जाते हैं चुनावी करंट
आप के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पहले उत्तराखंड में बिजली का करंट दिया। जिससे भाजपा, कांग्रेस भी मुफ्त बिजली को लेकर अपने-अपने दावे करने शुरू कर दिए। इसके बाद अरविंद केजरीवाल ने उत्तराखंड को आध्यात्मिक राजधानी बनाने का वादा किया तो भाजपा, कांग्रेस को हिंदुत्व वोटर खिसकने का डर सताने लगा। इसके बाद केजरीवाल ने रोजगार गारंटी लाकर युवाओं को साधना शुरू कर दिया। जिससे युवा वोटर भी भाजपा, कांग्रेस के निशाने पर आ गए। अब केजरीवाल ने हिंदू, मुस्लिम और सिख तीनों समुदायों को एक साथ तीर्थ योजना का ऐलान कर सभी वर्गों को साधने की कोशिश कर दी। जिसके बाद भाजपा की नींद उड़ने लगी है। भाजपा ने केजरीवाल तुष्टिकरण का आरोप लगाया है। इतना ही नहीं भाजपा ने अब अपनी चुनावी रणनीति में बदलाव कर दिया है। भाजपा अब केजरीवाल को सीधे टारगेट करने में जुटी है। जिसमें दिल्ली के मुद्दों को आधार बनाकर निशाना साध रही है। भाजपा के सोशल मीडिया प्रचार-प्रसार में सबसे ज्यादा केजरीवाल ही निशाने पर हैं।
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हरदा से ज्यादा अब केजरीवाल निशाने पर
भाजपा ने शुरूआती चुनावी प्रचार में पूर्व सीएम हरीश रावत को टारगेट किया। हरदा के बयानों और दांव पेंच पर भाजपा लगातार हमला करती रही। भाजपा के प्रचार-प्रसार की रणनीति पर कैबिनेट मंत्री हरक सिंह ने तक सवाल खड़े किए। और हरीश रावत को निशाना बनाने से उन्हें ही राजनीतिक लाभ मिलने की बात की। लेकिन अब भाजपा केजरीवाल को टारगेट करने में जुटी है। भाजपा केजरीवाल के दिल्ली मॉडल की हवा निकालने की कोशिश में जुट गई है। भाजपा सोशल मीडिया में केजरीवाल को लेकर कुछ इस तरह कमेंट कर रही है। उदाहरण के लिए पहला केजरीवाल जी दिल्ली में पॉल्यूशन का सॉल्यूशन ढूंढने के बजाय युवाओं का ह्विस्कीनेशन कर रहे हैं!
कुछ तो शर्म करो सरजी। इसके अलावा भाजपा ने एक पोस्ट में दिल्ली सरकार के पॉल्यूशन को लेकर किए गए विज्ञापनों पर कमेंट किया है। जिसमें लिखा है कि वाह सरजी आप तो बड़े हैवी ड्राइवर निकले!इस तरह भाजपा के सोशल मीडिया प्रचार में अब केजरीवाल टारगेट हो रहे हैं। भाजपा के चुनावी रणनीति बदलने के पीछे केजरीवाल के चुनावी मुद्दे हैं जो कि भाजपा को ज्यादा नुकसान पहुंचा सकते हैं। साथ ही सत्ता में होने की वजह से भाजपा को सत्ता विरोधी फेक्टर का भी डर सता रहा हैा












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