Kedarnath dham: सीएम धामी ने 300 रुपए देकर किए वीआईपी दर्शन, इस बार धाम में बदले गए हैं ये नियम
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केदारनाथ पहुंचकर बाबा की पूजा अर्चना की। सीएम धामी ने वीआईपी दर्शन के लिए 300 रुपए शुल्क जमा किया है। धाम में वीआईपी दर्शन के लिए नई व्यवस्था शुरू हो गई है।

केदारनाथ धाम के कपाट मंगलवार को ग्रीष्मकाल के लिए खोल दिए गए हैं। कपाटोद्घाटन के शुभ अवसर पर केदारनाथ मंदिर को 35 क्विंटल फूलों से सजाया गया। 10 हजार से ज्यादा श्रद्धालु कपाटोद्घाटन की पावन बेला के साक्षी बने। इस दौरान श्रद्धालुओं पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा की गई।
पहले दिन 18 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने दर्शन किए
केदारनाथ मंदिर में एक भक्त द्वारा एक सोने का 'छत्र' और एक घड़ा मंदिर में स्थापित किया गया है। पहले दिन 18 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने बाबा केदार के दर्शन किए। पहली पूजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से की गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी केदारनाथ पहुंचकर बाबा की पूजा अर्चना की। केदारनाथ में सीएम धामी के दर्शन के साथ ही वीआईपी दर्शन के लिए नई व्यवस्था शुरू हो गई है।
सीएम वीआईपी दर्शन के लिए 300 रुपए शुल्क जमा किया
सीएम धामी ने वीआईपी दर्शन के लिए 300 रुपए शुल्क जमा किया है। जो कि मंदिर समिति ने खाते में जमा किए। इसके साथ ही इस यात्रा सीजन में वीआईपी दर्शन के लिए शुल्क देने की व्यवस्था की शुरूआत हो गई है। ये व्यवस्था बद्रीनाथ धाम में भी शुरू होगी। बद्रीनाथ के कपाट कल खुलने वाले हैं। इसके अलावा पहली बार केदारनाथ में गर्भ गृह स्वर्ण मंडित किया गया है। जिसके दर्शन भी शुरू हो गए हैं।
अब तक 6 लाख 35 हजार केदारनाथ धाम के लिए रजिस्ट्रेशन
केदारनाथ धाम के लिए भक्तों में सबसे ज्यादा उत्साह नजर आ रहा है। अब तक 6 लाख 35 हजार श्रद्धालुओं ने केदारनाथ धाम के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। चारधाम यात्रा के लिए पंजीकरण कराने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 17 लाख 92 हजार का आंकड़ा पार कर चुकी है। बदरीनाथ के लिए 5,35,551, गंगोत्री के लिए 3,26,111, यमुनोत्री के लिए 2,82,757 और हेमकुंड साहिब के लिए 13,255 ने पंजीकरण कराया है।
किसी तरह ही अफवाह से बचने की अपील
जीएमवीएन गेस्ट हाउसों में 10 करोड़ 56 लाख से अधिक की बुकिंग हो चुकी है। यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। लेकिन धामों में सीमित संख्या का नियम अब खत्म कर दिया गया है। हालांकि केदारनाथ के लिए अब भी मौसम देखकर यात्रा करने की सलाह दी जा रही है। जिसके लिए प्रशासन भी मॉनिटरिंग कर रहा है। इसके अलावा लोगों से किसी तरह ही अफवाह से बचने की अपील की गई है। साथ ही ऐसे लोगों पर कार्रवाई करने की बात की गई है।












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