Kedarnath dham: केदारघाटी में बादल फटने से मची तबाही, जगह-जगह फंसे यात्री, ऐसे किया जा रहा रेस्क्यू

उत्तराखंड में बीते 24 घंटों में हुई भारी बारिश ने जमकर कहर बरपा है। देर रात केदारघाटी में बादल फटने से जगह जगह नुकसान हुआ है।

केदारनाथ यात्रा मार्ग पर सोनप्रयाग से भीमबली के बीच पैदल मार्ग पर यात्री फंस गए। यात्रियों को एसडीआरएफ की टीमों के द्वारा दुर्गम पहाड़ी रास्तों से होकर वैकल्पिक मार्ग बनाकर यात्रियों को सुरक्षित रूप से निकाला जा रहा है।

Kedarnath dham Cloud burst caused devastation in Kedar valley passengers stranded at various places rescue is being done like this

केदारनाथ पैदल मार्ग पर बादल फटने से मची भारी तबाही के बाद यात्रा को रोक दिया गया है। केदारनाथ पैदाल मार्गों पर फंसे श्रद्धालुओं का सुबह से रेस्क्यू जारी है। केदारनाथ पैदल मार्ग से लेकर गौरीकुंड और सोनप्रयाग लिनचोली में आपदा से सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है।

बड़ी लिंचोली में एनडीआरएफ, डीडीआरएफ जवान श्रद्धालुओं को निकालने में जुटे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रुद्रप्रयाग में अतिवृष्टि से हुए आपदा प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे। इस दौरान वह बचाव व राहत कार्यों की स्थिति की समीक्षा की जाएगी।

केदारनाथ पैदल मार्ग पर जंगलचट्टी से भीमबली के बीच लिंचोली के पास बादल फटने से मंदाकिनी नदी का जलस्तर खतरे के निशाने से ऊपर पहुंच गया है। सुरक्षा को देखते हुए जिला प्रशासन ने देर रात गौरीकुंड और सोनप्रयाग बाजार को खाली करवा दिया। तप्तकुंड और केदारनाथ पैदल मार्ग को करीब 30 मीटर हिस्सा बह गया है। एहतियात के तौर पर 200 लोगों कोे जीएमवीएन के गेस्ट हाउस और पुलिस चौकी में ठहराया गया है।

बुधवार को हुई भारी बारिश से केदारनाथ पैदल मार्ग पर भीमबली और लिनचोली के बीच दो जगहों पर बादल फटे। बादल फटने से क्षेत्र में भारी भूस्खलन हुआ साथ ही यहां से बहने वाली मंदाकिनी नदी का जलस्तर भी खतरे के निशान के ऊपर बहने लगा। जिसके बाद आपदा तंत्र अलर्ट हो गया।

एनडीआरएफ ने रात में ही मोर्चा संभाला। देहरादून से लेकर केदारघाटी तक प्रशासन और शासन पूरी तरह से एक्टिव मोड पर रहा। स्थानीय लोगों के साथ यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया और नदी किनारे की जगहों को खाली कराया गया।

आपदा के कारण केदारनाथ पैदल मार्ग कई जगहों पर टूट गया है और इसमें दो पुराने पुल भी बह गये हैं। साथ ही सोनप्रयाग के पास भी नेशनल हाईवे क्षतिग्रस्त हो गया है। प्रशासन जगह- जगह फंसे यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम चला रहा है। वैकल्पिक मार्ग के साथ ही हेलीकॉप्टर द्वारा भी रेस्क्यू कार्य शुरू हो गया है। आपदा में अब तक 10 लोगों की मौत की जानकारी मिल रही है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+