केदारनाथ धाम में कपाट बंद होते ही शुरू हुआ ये बड़ा काम,केदारपुरी एवं यात्रा मार्ग पर चलाया विशेष अभियान
Kedarnath Dham: केदारनाथ धाम में कपाट बंद होने के बाद केदारपुरी सहित पैदल यात्रा मार्ग पर विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। सुलभ इंटरनेशनल के प्रबंधक धनंजय पाठक ने बताया कि करीब 60 पर्यावरण मित्रों द्वारा स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है।
साथ ही नगर पंचायत केदारनाथ के भी करीब 60 पर्यावरण मित्रों द्वारा स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। विशेष स्वच्छता अभियान के अंतर्गत केदारपुरी एवं यात्रा मार्ग से प्लास्टिक कचड़े को प्लास्टिक बैगों में जमा किया जा रहा है।

प्लास्टिक कचड़े को एकत्रित कर सोनप्रयाग स्थित कॉम्पेक्टर में पहुंचाया जाएगा जहां से इसे कॉम्पेक्ट कर उचित निस्तारण के लिए भेजा जाएगा। वहीं होटल एवं रेस्तरां संचालकों के जैविक कूड़े का भी निस्तारण किया जा रहा है। कई दुकान संचालकों द्वारा दुकानों का वेस्ट मटेरियल भी यथावत विभिन्न स्थानों पर लावारिस छोड़ दिया गया है इसका भी निस्तारण किया जा रहा है।
वहीं घोड़े की लीद एवं अन्य वेस्ट मटेरियल भी निस्तारित किया जा रहा है। सरकार की और से जारी बयान में कहा गया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में केदारनाथ धाम यात्रा का सफल एवं व्यवस्थित संचालन किया गया। अब केदारनाथ के कपाट बंद होने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार केदारपुरी सहित पैदल यात्रा मार्ग पर विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है।
श्री केदारनाथ धाम के कपाट 3 नवंबर को शीतकाल के लिए बंद हो गये हैं। कपाट बंद होने के बाद विभिन्न पड़ावों से होकर भगवान केदारनाथ की चांदी की पंचमुखी दिव्य चल विग्रह उत्सव मूर्ति डोली में विराजमान हो कर शीतकालीन गद्दीस्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ पहुंच गयी है।
श्रद्धालुओं को अब बाबा केदार की पंचमुखी मूर्ति के दर्शन श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में हो सकेंगे। पहले पंचमुखी उत्सव मूर्ति को ऊखीमठ पहुंचने पर भंडार गृह में रख दिया जाता था। इस कारण ओंकारेश्वर मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को पंचमुखी मूर्ति के दर्शन नहीं हो पाते थे।
इस संबंध में हक-हकूकधारियों तथा तीर्थ पुरोहितों ने श्री बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) अध्यक्ष अजेंद्र अजय से अनुरोध किया था। तीर्थ पुरोहितों का कहना था कि पंचमुखी मूर्ति को भंडार गृह में रखने के बजाय शीतकाल में दर्शन हेतु श्री ओंकारेश्वर मंदिर के गर्भ गृह में रखा जाए, ताकि ऊखीमठ आने वाले श्रद्धालुओं को पंचमुखी मूर्ति के दर्शन का लाभ मिल सके।
तीर्थ पुरोहितों व हक - हकुकधारियों के अनुरोध पर व्यापक विचार-विमर्श के बाद बीकेटीसी ने निर्णय किया कि भगवान केदारनाथ जी की पंचमुखी मूर्ति को अब श्री ओंकारेश्वर मंदिर गर्भगृह में विराजमान किया जायेगा, जहां पंचमुखी मूर्ति की निरंतर पूजा-अर्चना की जायेगी। बीकेटीसी अध्यक्ष अजेंद्र ने इस प्रस्ताव को अपनी स्वीकृति दे दी है।
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