भारत को चीन सीमा से जोड़ने वाला नीति-मलारी भूस्खलन के चलते हाईवे बंद, सेना और स्थानीय लोगों को हो रही मुश्किले
India to China border, Niti-Malari highway उत्तराखंड में भारी बारिश के चलते पहाड़ में भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं। जिससे लोंगों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। बता दें कि प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव भी चल रहे हैं, ऐसे में चुनाव प्रचार और पोलिंग पार्टियों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उत्तराखंड में चीन सीमा को जोड़ने वाला बंद मलारी हाईवे आज भी नहीं खुल पाया है। भूस्खलन के चलते भारत-चीन सीमा को जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग नीति मलारी बंद है। मार्ग बंद होने की वजह से कई लोग बीच रास्ते में ही फंसे हुए है।

मार्ग के बंद होने से जहां भारतीय सेना और आईटीबीपी (भारत-तिब्बत सीमा पुलिस) का सड़क मार्ग से चीन सीमा पर पहुंचा मुश्किल हो गया है। ये हाईवे न सिर्फ भारतीय सेना और आईटीबीपी के लिए जरूर है, बल्कि बॉर्डर एरिया में बसे गांवों की लाइफ लाइन भी है।
भारत-चीन सीमा को जोड़ने वाला मलारी हाईवे भूस्खलन के चलते भापकुंड के समीप सोमवार कल 3.30 बजे बंद हो गया था। जो कि आज भी बंद है। रास्ता बंद होने से पोलिंग पार्टियां फंसी हुई हैं। प्रचार के अंतिम दिन प्रत्याशी भी प्रचार करने नीती घाटी नहीं पहुंच पाए हैं। जो वहां गए थे वे भी वापस नहीं आ पाए हैं।
प्रशासन समेत अन्य अधिकारी मौके पर जुटे रहे। हाईवे पर भारी भरकम बोल्डर आने से उसे सुचारू करने में समय लग सकता है। देर शाम तक ही हाईवे सुचारू होने की संभावना है। भारत-चीन सीमा को जोड़ने वाला मलारी हाईवे भूस्खलन के चलते भापकुंड के समीप सोमवार 3.30 बजे बंद हो गया था। हाईवे के बंद होने से सीमांत क्षेत्र की आवाजाही पूरी तरह से मंगलवार को भी बंद रही। इस दौरान त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव मे प्रचार करने के लिए नीती घाटी में गए चुनाव प्रचार करने वाले प्रत्याशी के प्रचारक भी घाटी में ही फंसे हैं।











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