संकट में भारत का सबसे प्राचीन शनि मंदिर, एमपी के पूर्व सीएम कमलनाथ ले चुके हैं जीर्णोद्धार का जिम्मा

उत्तरकाशी में मां यमुना के मायके व शीतकालीन प्रवास खरशाली गांव स्थित पौराणिक शनि मंदिर का अस्तित्व खतरे में है। लकड़ी पत्थर से बने साढ़े चार मंजिला शनि मंदिर की दीवार चटकने के साथ चिनाई में प्रयुक्त लकड़ी सड़ने लग गई है। जिससे मंदिर का अस्तित्व खतरे में आ गया है। बता दें कि शनि महाराज मां यमुना के भाई माने जाते हैं।

India oldest Shani Mandir crisis, former MP CM Kamal Nath taken responsibility of renovation

14वीं शताब्दी में लकड़ी पत्थर से बने साढ़े चार मंजिला शनि मंदिर की दीवार चटकने के साथ चिनाई में प्रयुक्त लकड़ी सड़ने लग गई है। पिछले साल मां यमुना के शीतकालीन प्रवास खरशालीगांव स्थित पौराणिक शनि मंदिर की बुनियाद को काफी नुकसान हुआ था। जिसे थोड़ा बहुत ठीक किया गया। लेकिन खतरा अब भी बरकरार है। गुजाखुंटी की पारंपरिक तकनीक से कटे पत्थर और थुनेर की लकड़ियों के सड़ने से मंदिर के दीवारों के पत्थर खिसकने लगे हैं।

पारंपरिक भूकंप रोधी तकनीक से निर्मित यह मंदिर अब तक कई बड़े भूकंप के झटके झेल चुका है। पुरोहितों का कहना है कि जीर्णोद्धार का जिम्मा शनि देव के अनुयायी, उपासक मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ व उनकी पत्नी ने लेने की बात कही है। वह यहां पिछले एक दशक से साल में दो बार बैसाखी और शनि जयंती पर भव्य कार्यक्रम आयोजित करते हैं। गुजाखुंटी पौराणिक भवन निर्माण शैली है। जिसमें भवन के लकड़ी व पत्थर से बनने वाले बिम व कॉलम को गुजाखुंटी कहा जाता है। जिसमें बिम व कॉलम लकड़ी व पत्थर से जोड़े जाते हैं।

भारत में भगवान शनि का सबसे प्राचीन मंदिर उत्तरकाशी में स्थित है। हर साल 6 महीने के लिए इस के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले जाते हैं। श्रद्धालु बेसब्री से भगवान शनि के कपाट खुलने का इंतजार करते हैं। मान्यता है कि मंदिर का निर्माण पांडवों ने करवाया था। शनिदेव का यह मंदिर वैसे तो पांच मंजिला है। इस मंदिर का निर्माण पत्थर और लकड़ी से किया गया है।

इस मंदिर के कपाट ग्रीष्म काल में भक्तों के लिए वैशाखी पर खुलते हैं। भगवान शनि देव की कांस्य मूर्ति को चाया, सांग्या और नाग देवता के साथ यहां रखा गया है। मान्यता है, कि मंदिर में शनि देव पूरे 12 महीने विराजमान रहते हैं। हर साल भाई दूज या यम द्वितीया के अवसर पर यमुनोत्री धाम के कपाट बंद हो जाते हैं और देवी यमुना की मूर्ति इस मंदिर में लाई जाती है। मंदिर में एक अखंड ज्योति जलती रहती मंदिर में एक अखंड ज्योति जलती रहती है। ऐसा माना जाता है, कि मंदिर की अखंड ज्योति के दर्शन मात्र से ही सारे कष्टों से मुक्ति मिल जाती है और मंदिर में शनिवार के दिन शनिदेव की पूजा करने से व्यक्ति को कुंडली के शनि दोष से भी छुटकारा मिल जाता है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+